ठियोग गर्ल्स होस्टल में आई दरारें

ठियोग—एसएफआई इकाई ठियोग ने डिग्री कालेज ठियोग में नवनिर्मित गर्ल्स होस्टल की खस्ता हालत में सुधार की मांग की है। एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि हाल ही में बने इस भवन को अभी शुरू भी नहीं किया गया है। इससे पहले ही भवन में दरारें आ गई है और बारिश के दौरान पूरी बिल्डिंग में सीलन आ रही है। इस कारण यह गर्ल्स होस्टल छात्राओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।  कार्यकर्ताओं ने कहा है कि भवन के कमरों व बाहर वाले हिस्से में दरारे साफ दिखाई दे रही है और कई जगह सीमेंट भी उखड़ कर गिर चुका है। इससे लग रहा है कि भवन में सही तरीके का कार्य नहीं हो पाने के कारण शुरू करने से पहले ही यह भवन छात्राओं के ठहरने के लिए सुरक्षित नहीं लग रहा।  इस दौरान संगठन के उपाध्यक्ष अरुण चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जून से पूरे हिमाचल प्रदेश में नए सत्र के दाखिले शुरू हो रहे हैं, तो एस एफ आई इकाई ठियोग के कार्यकर्ता अपने गाइडेंस ब्यूरो लगाने के लिए कालेज पहुंचे और महाविद्यालय परिसर का मुआयना किया तो देखा कि जो कोलेज का गर्ल्स हॉस्टल है, उसकी हालत बद से बदतर हो गई है। उन्होंने कहा कि 2009 से एस एफ आई इकाई ठियोग कालेज में गर्ल्स होस्टल की मांग कर रही थी, क्योंकि जब से ठियोग में कालेज खुला है। यहां पर 70 फीसदी छात्राएं पढ़ने आती है। एस एफ आई ने गर्ल्स होस्टल के निर्माण की मांग को लेकर प्रत्येक छात्र-छात्राओं को लामबंद करते हुए बहुत लंबा आंदोलन लड़ा है। एसएफआई के इस आंदोलन के सामने सरकार व कालेज प्रशासन को झुकना पड़ा और 2013 में एसएफआई की यह मांग पूरी हुई। उस समय की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने होस्टल का निर्माण भी शुरू करवाया और हिमुडा कंपनी को इसका कांट्रेक्ट दिया गया। इसके बाद भी एसएफआई ने जो गर्ल्स होस्टल में मजदूर काम कर रहे थे, उनका वेतन दिलाने के लिए सीटू के साथ मिलकर बहुत सारे आंदोलन किए और इस कंपनी से मजदूरों को उनका वेतन दिलाया। पिछले साल ये भवन बन कर तैयार हुआ है। इसमें 27 कमरे है और 105 विद्यार्थियों के रहने की सुविधा है। इस भवन को बनाने के लिए तीन करोड़ 70 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इस साल जुलाई में इस भवन को आम छात्रों को समर्पित किया जाना है। इस हॉस्टल को बन कर अभी एक साल भी नहीं हुआ है लेकिन ये भवन डगमगा गया। इसमें लगी एक दीवार पूरी तरह हिल गई और दीवारों में भी दरारे आ गई है। इस होस्टल की सबसे ऊपर वाली मंजिल में पानी का तालाब बना हुआ है, जिसके कारण पानी का रिसाव  दीवारों से होने लगा है। इसकी नीव भी बिल्कुल कच्ची है। एसएफआई इकाई ने प्रशासन से मांग की है कि इस भवन को असुरक्षित घोषित किया जाए और ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि प्रशासन एसएफआई कि इस मांग को अनदेखा करती है, तो एसएफआई प्रत्येक छात्रों को लामबंद करते हुए एक उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेदार स्वयं कालेज प्रशासन होगा।

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