ठुंडना में शांत महायज्ञ का आयोजन

चौपाल —विजट महाराज की पावन स्थली हामल के ठुंडना में ठूंडूं बिरादरी की कुलिष्ट देवी माता ठाहरी के शांत महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें शिमला व सिरमौर जिला के अतिरिक्त उत्तराखंड से लगभग 15 हजार लोग उपस्थित हुए। ठुंडना में शांत महायज्ञ का आयोजन 12 वर्षों के बाद किया जा रहा है। 12 वर्ष पूर्व वर्ष 2007 में यहां पर शांत महायज्ञ के आयोजन में लगभग नौ हजार लोग उपस्थित हुए थे। हर 12 वर्षों के बाद ठुंडना में शांत का आयोजन किया जाता हैं। जिसमें उत्तराखंड, सिरमौर, व सोलन जिला से ठुंडू बिरादरी के हजारों लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते है। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक किरपा राम झर्टा, अमरसिंह ठाकुर, नंबरदार शेर सिंह, मंगतराम मेगटा, लायकराम नंबरदार, फौजी नरेंद्र ठाकुर, जयराम ठाकुर, सीताराम ठाकुर, दीपराम आदि ने दिव्य हिमाचल को बताया कि 12 वर्षो के उपरांत हो रहे शांत महापर्व में ठुनडू बिरादरी के लोग उपस्थित होते है। यूं तो सम्पूर्ण चौपाल उपमंडल में विभिन्न स्थानों पर शांत महायज्ञ का आयोजन किया जाता है लेकिन ठुंडू बिरादरी की अष्टधात्री माता ठाहरी की इस शांत की अलग पहचान है। इसमें जहां राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 13 हजार लोग उपस्थित हुए। वहीं दो हजार लोग ठुंडू बिरादरी के सिरमौर व अन्य क्षेत्रों से शांत में उपस्थित हुए। शांत महायज्ञ में एक लकड़ी का कुरुड़ बनाया जाता है जिसको मंदिर के शीर्ष में लगाया जाता है जिस बिरादरी की शांत होती है उस बिरादरी के सैंकड़ो लोग लकड़ी के कुरुड़ को मंदिर के शीर्ष तक ले जाते है। अंत मे सभी के लिए भोज का आयोजन किया जाता है। चौपाल के विधायक बलवीर सिंह वर्मा व पूर्व विधायक डा. सुभाष चंद मंगलेट विशेष रूप से उपस्थित हुए। 

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