ठेका प्रथा बंद कर करें रेगुलर भर्ती

शिमला —नगर निगम शिमला मेंंं आउटसोर्स प्रथा बंद कर स्थायी तौर पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती हो, निगम मेंं सफाई कर्मचारियों के रिक्त सभी पदों को सृजित किया जाए। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के देय भत्तों की भी शीघ्र अदायगी की जाए। ये मांगें नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को  राष्ट्रीय सफाई आयोग के समक्ष रखीं। नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने बैठक के दौरान राष्ट्रीय सफाई आयोग के समक्ष  आउटसोर्स को बंद करने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने  कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए नीति बनाई जाए। उनकी स्थायी भर्ती की जाए। वेतन में नियमित बढोतरी हो, जिससे उनकी गुजर बसर हो सके। सफाई कर्मचारियों ने मांग उठाते हुए कहा कि उनके रहने के के लिए घरों का निर्माण भी किया जाए। शिमला बचत भवन में यह बैठक राष्ट्रीय सफाई आयोग के अध्यक्ष मेहनहार वाल्जीभाई जाला की अध्यक्षता में हुई।  राष्ट्रीय सफाई आयोग के अध्यक्ष ने नगर निगम तथा अन्य विभाग उच्च अधिकारियों के साथ भी बैठक की। उन्होंने कहा कि 13 जून को प्रदेश स्तर पर भी बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सफाई कर्मियों की प्रदेश स्तरीय समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। उन्होंनेे कहा कि वह कर्मचारियों की समस्याओं  को जानने के लिए 11 जून को शहर का दौरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ठ कार्य के लिए सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा तथा साथ ही 12 जून को सफाई कर्मियों के लिए सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है। इस समनेलन में कर्मचारियों की जहां स्वास्थ्य जांच की जाएगी वहीं उन्हें स्किल डिवेलपमेंट की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं, निगम सफाई मजदूर यूनियन के महासचिव बलबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय सफाई आयोग के समक्ष अपनी समस्याएं उठाई हंै। यूनियन ने कर्मचारियांे की मांगों बाबत आयोग को पांच सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा हैै।

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