ठेकेदारी प्रथा को रेड सिग्नल

शिमला—नगर निगम शिमला में कई वर्षों से चल रही ठेकेदारी प्रथा को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने रेड सिग्नल दिखा दिया है। गुरुवार को प्रदेश सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान आयोग के चेयरमैन मनहर वालजीभाई जाला ने साफ कहा कि आउटसोर्स प्रथा के स्थान पर कोई नया रेगुलर या अनुबंध नीति तैयार करें। ताकि सफाई कर्मचारियों को श्रम कानून के मुताबिक वेतन या मानदेय मिल सके। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि यदि आउटसोर्स एजेंसियों की ओर से सफाई कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य वित्तीय लाभों में कोई अनियमितता हो रही हो तो उसकी जांच की जाए तथा सफाई कर्मचारियों को पे.स्लिप भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए तरल कचरे को उठाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बैग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। आयोग के चेयरमैन को सूचना मिली है कि नगर निगम में 450 कर्मचारी ऐसे हैं जो आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि यहां 187 सफाई कर्मचारी ही रेगुलर हैं। उन्होंने सरकार के मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि नगर निगम शिमला में सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों के मकानों को रेगुलर करें। इसके साथ-साथ उनके निर्माणाधीन मकानों के लिए बिजली और पानी के केनक्शन घरेलू उपभोक्ताओं की तर्ज पर मिले। जाला ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए बीपीएल में आय सीमा 36 हजार रूपये को बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने प्रदेश सरकार को राज्य के अंतर्गत आने वाली सभी नगर पालिकाओं में रिक्त पड़े सफाई कर्मचारियों के पदों को शीघ्र भरने और हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पनुर्वास अधिनियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।

सकिंग व जैटिंग मशीन उपलब्ध करवाए सरकार

मनहर वालजीभाई जाला ने राज्य की सभी नगर पालिकाओं में सैप्टिक टैंकों की सफाई एवं डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए सकिंग तथा जैटिंग मशीनों को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर पर अनुश्रवण समितियों के गठन का सुझाव भी दियाए जिससे समय.समय पर बैठकों का आयोजन किया जा सके। मुख्य सचिव बीण्केण् अग्रवाल ने राज्य में सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए लागू किए गए विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी भाग में हाथ से मैला नहीं ढोया जाता तथा सफाई कर्मचारियों को गम बूट्स, दस्ताने और फेस-मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

स्मार्ट सिटी के तहत होगा कृष्णानगर का विकास

मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने समिति को यह जानकारी दी कि शहर के कृष्णानगर क्षेत्र को स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। इसके साथ-साथ राज्य के अन्य भागों में भी सफाई कर्मचारियों के जर्जर आवासों की मुरम्मत की जाएगी। आयोग के प्रधान निजी सचिव महेंद्र प्रसाद, सलाहकार पूरन सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, पुलिस महानिदेशक एसंआर मरडी, प्रधान सचिव शहरी विकास प्रबोध सक्सेना, निदेशक ग्रामीण विकास राकेश कंवर, नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एके गुप्ता व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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