डाउनडेल के अवैध ढारों में बिजली चोरी

शिमला —शिमला के फागली डाउनडेल में अवैध ढारों का निर्माण कर सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। इतना ही नहीं अवैध ढारों का निर्माण कर बिजली चोरी की भी धड़ल्ले से की जा रही है। शनिवार को पुलिस ने गुप्त सूचना पर डाउनडेल क्षेत्र निरीक्षण किया। इस  दौरान यह खामियां पाई गई है। पुलिस ने अवैध ढारों के साथ-साथ बिजली की चोरी का ब्यौरा भी तैयार कर सम्बधित विभागों को कारवाई के लिए प्रेषित कर दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर डाउनडेल में नशे के कारोबारियों पर दबिश देने के लिए औचक निरीक्षण किया। हालांकि इस दौरान पुलिस के हाथ नशे से संबंधित कोई भी व्यक्ति नहीं चढ़ा है। मगर डाउनडेल में बाहरी राज्यों के लोग बिना पंजीकरण करवाए अवैध रूप से रह रहे हैं। पुलिस ने करीब 53 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जो बिना रजिस्ट्रेशन के यहां रह रहे हैं। पुलिस ने उनसे थाने में लाकर गहनता से पूछताछ की है और उन पर पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। हैरानी तो इस बात की है कि पुलिस के निरीक्षण के दौरान नशे का कोई कारोबारी तो नहीं मिला है, मगर शिमला में बिना पंजीकरण के इतने लोगों का रहना चिंता का विषय है। जनता की सुरक्षा के मद्देनजर भी यह एक बड़ी लापरवाही है। वहीं पुलिस निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डाउनडेल में लोग सरकारी भूमि पर अवैध ढारे का निर्माण कर कब्जा जमाकर बैठे हैं। इस दौरान जो जानकारी सामने आई हैं, उसमें 95 ढारे निर्मित पाए गए हैं। इनमें से 65 व्यक्ति खुद अपने ढारों में रहते हैं,  जबकि आठ व्यक्तियों ने 30 ढारे किराए पर दे रखे हैं, जिनका वह प्रतिमाह एक हजार से दो हजार रूपए किराया वसूल कर रहे हैं। पुलिस निरीक्षण में यह भी चौंकाने वाली बात सामने आई है कि 95 ढारों में करीब 28 बिजली के मीटर ही लगे हैं। अन्य सभी ने अवैध रूप से बिजली के कनेक्शन ले रखे हैं, जो ढारे किराए पर दिए गए हैं, उनमें किसी में भी बिजली के मीटर नहीं है। ढारा मालिकों ने अपने मीटरों से ही किराएदारों को बिजली दे रखी है। पुलिस ने मौके पर अवैध निर्माण व बिजली चोरी की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त शिमला और नगर निगम शिमला को कार्रवाई के लिए भेज दी है।

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