डाक्टर्ज ने लगाए काले बैज

पांवटा साहिब—भारतीय चिकित्सा संघ ने पूरे देश में चिकित्सकों के विरुद्ध हिंसा के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाया। संस्था को चिकित्सकों के विरुद्ध और स्वास्थ्य संस्थानों में हिंसा के विषय में संज्ञान लेना पड़ा। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में एक युवा डा. प्रतिभा बनर्जी को उग्र भीड़ ने एनआरएस मेडिकल कालेज कोलकाता में तीखा हमला किया। वह गंभीर है और अपनी जिंदगी से जूझ रही है। भारतीय चिकित्सक संघ चिकित्सालयों में हिंसा के विरुद्ध राष्ट्रीय कानून की मांग कर रही है। संस्था हिंसा के विरोध में चिकित्सकों व चिकित्सालयों में शून्य सहनशीलता की मांग कर रही है। विश्व चिकित्सा संघ ने भी स्वास्थ्य संस्थानों में हिंसा के विरुद्ध प्रस्ताव पास किया है और सख्त कानून बनाने को कहा है। आईएमए के पदाधिकारी डा. प्रवेश सबलोक सहित अन्य ने कहा कि चिकित्सालयों में हिंसा के विरुद्ध तुरंत राष्ट्रीय कानून लाया जाए। कानून में कम से कम सात वर्ष की सजा का प्रावधान हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दोषी को बंदी बनाकर तुरंत मुकद्मा दर्ज किया जाए। इसके लिए विरोध के स्वरूप देश के सभी चिकित्सकों ने शुक्रवार को काले बैज लगाए। धरना व विरोध सभाएं की। पांवटा साहिब मंे भी विरोध प्रदर्शन करते हुए एसडीएम पांवटा के कार्यालय अधीक्षक के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी। साथ ही भारतीय चिकित्सा संघ की पांवटा इकाई ने एनआरएस मेडिकल कालेज कोलकाता में हुई घटना की कड़े शब्दों से निंदा की और गंभीर रूप से घायल डाक्टरों के साथ अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया।

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