डीप ब्रेन थ्राम्बोसिस की समस्या

शरीर में कहीं चोट लग जाने पर कई बार प्रभावित जगह पर नील पड़ जाता है या ब्लड क्लॉट जम जाता है। यह शरीर की वेन्स में होता है। अगर ये क्लॉट अपनी जगह से खिसककर शरीर के दूसरे हिस्से में चले जाएं तो खतरनाक हो सकते हैं। शरीर पर कभी कट लग जाए तो खून में मौजूद प्लेटलेट्स एक क्लॉट बना देती हैं जो खून को बहने से रोकता है। वहीं अगर यह क्लॉट नसों में हो जाए तो खतरनाक हो सकता है…

शरीर के किसी भी हिस्से पर ब्लड क्लॉट होना एक सामान्य सी बात है, लेकिन आपको इसके होने की वजह और इससे जुड़े खतरे और इलाज के बारे में मालूम होना जरूरी है। शरीर में कहीं चोट लग जाने पर कई बार प्रभावित जगह पर नील पड़ जाता है या ब्लड क्लॉट जम जाता है। यह शरीर की वेन्स में होता है। अगर ये क्लॉट अपनी जगह से खिसककर शरीर के दूसरे हिस्से में चले जाएं, तो खतरनाक हो सकते हैं। शरीर पर कभी कट लग जाए, तो खून में मौजूद प्लेटलेट्स एक क्लॉट बना देती हैं जो खून को बहने से रोकता है। वहीं अगर यह क्लॉट नसों में हो जाए तो खतरनाक हो सकता है।

बांह में क्लॉट की समस्या

डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक ऐसी प्रॉब्लम है, जिसमें नसों की गहराई में क्लॉट जमता है। वैसे यह समस्या ज्यादातर लोगों के पैरों में होती है। डीवीटी जब बांह में होता है, तो कई लोगों को इसके लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन कुछ लोगों को यह लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

लक्षण

हल्का खिंचने जैसा दर्द होना, छूने पर वह जगह गर्म महसूस होना क्लॉट की जगह पर सूजन स्किन का रंग लाल या नीला दिखाई देना।

थकान की वजह से

थकान की वजह से यदि आपका शेड्यूल काफी कसा हुआ है और आपको सांस लेने की भी फुर्सत नहीं मिल रही है, तो थकान होने का कारण समझ में आता है। मगर कई बार बिना किसी कारण के यदि आपको थकान महसूस हो रही है, तो सतर्क हो जाना चाहिए। दरअसल यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में कोई ब्लड क्लॉट है, जो आपका शरीर खत्म करने की कोशिश कर रहा है और इसी की वजह से थकान का एहसास हो रहा है।

डाक्टर को जरूर बताएं

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि बांह में डीवीटी काफी खतरनाक हो सकता है। बांह के ब्लड क्लॉट का सबसे बड़ा खतरा फेफड़ों में पहुंचने का होता है। इस कंडीशन को पल्मोनरी एम्बोलिजम कहते हैं। आमतौर पर ये पैरों की नसों से रक्त के थक्के जमने के कारण हो सकता है। अगर आपको या किसी करीबी को ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत एक्सपर्ट्स से सलाह लें ताकि समय रहते इसका इलाज हो सके।

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