डीसी कालोनी के गेट पर कचरा ही कचरा

ऊना—जनता को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने और सफाई रखने की नसीहत देने वाले ऊना के अफसरों के गृह क्षेत्र डीसी कालोनी को देखा जाए तो शर्म आ जाए। गंदगी से फैली बदबू से आप सांस भी नही ले पाओगे। बड़े-बड़े प्रशासनिक पदों पर तैनात ये अफसर अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वच्छता अपनाने व खुले में कूड़ा न फेंकने के निर्देश तो देते हैं। लेकिन स्वयं इन पर अमल नही करते। शायद ये निर्देश इन पर लागू नही होते या फिर नियमों की पालना करना अफसर अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। क्योंकि इनके खिलाफ  कोई कार्रवाई तो करेगा नही। पढ़े-लिखे और स्वयं को इंटेलिजेंट बताने वाले इस कालोनी के लोग रोजाना लग्जरी गाडि़यों में सवार होकर आते हैं और चलती गाड़ी से ही कूड़ा फैंककर चलते बनते हैं तो कई अपने बच्चों के हाथों खुलें में कूड़ा फिकंवाते हैं। अफसरों व लोगों की इन हरकतों से डीसी  कालोनी टाईप-थ्री में रहने वाले लोग भी खासे परेशान हैं। कालोनी टाईप-थ्री के लोगों ने अब गंदगी फैलाने वाले अफसरों की शिकायत करने का मन बना लिया है। इस समस्या को लेकर जल्द ही कालोनीवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर परिषद अध्यक्ष व डीसी ऊना को ज्ञापन भी सौंपेगा। बताते चलें कि शहर की सबसे वीआईपी मानी जाने वाली डीसी कालोनी में स्वच्छता नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस कालोनी में जज, डीसी, एडीसी, एसडीएम, एक्सियन सहित विभिन्न विभागों के बड़े पदों पर तैनात अधिकारी रहते हैं। रोजाना बड़े अधिकारी इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन किसी की भी नजर खुले में बिखरे कूड़े पर नही पड़ती या फिर ये स्वयं इसे नजरअंदाज कर देते हैं। दो महीने से इस कालोनी में रहने वाले लोग मंदिर के समीप खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। डीसी कालोनी टाइप-थ्री के मुख्य गेट पर जिस स्थान पर कूड़ा फेंका जा रहा है वहां कोई भी कूड़ेदान नही है, जहां पर तैनात कूड़ेदान को नगर परिषद द्वारा हटा दिया गया है। लेकिन फिर भी लोग यहीं कूडे़ का ढेर लगाने से बाज नही आते हैं। नगर परिषद भी शहर का स्वच्छ बनाने के ढेरों दावे बैठकों में करती है। डीसी कालोनी में खुले में ही लगे कूड़े से ढेर से बीमारियों के फैलने का खतरा भी कालोनीवासियों पर मंडरा रहा है। कालोनी के गेट के बाहर पड़े कूड़े के ढेर पर मक्खियां-मच्छर बैठे रहते हैं और फिर यही मक्खी-मच्छर इनके घरों में घुसते हैं। उधर,अमरजोत सिंह बेदी, नगर पंचायत  अध्यक्ष ऊनाका कहना है कि शहर में स्वच्छता बनाना सभी का कर्त्तव्य है।

You might also like