डूबे मंदिरों को बाहर निकालने आएगा दिल्ली का दल

बिलासपुर —जलमग्न हुए प्राचीन मंदिरों के स्थानांतरण के सर्वे को लेकर 28 जून को दिल्ली से एक दल बिलासपुर पहुंचेगा। यह दल मंदिरों को स्थानांतरण करने की संभावनाओं पर कार्य करेगा। यह जानकारी उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने सोमवार को मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने जिला बिलासपुर में जलमग्न हुए प्राचीन मंदिरों के स्थानांतरण करने पर बताया कि 28 जून को दिल्ली से इन मंदिरों का सर्वे करने के लिए दल पंहुचेगा, जो कि अपनी सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगा कि किस प्रकार से इन मंदिरों को स्थानांतरित करना संभव होगा। उन्होंने कहा कि जिला में पर्यटन की आपार संभावनाएं हंै। यदि प्राचीन मंदिरों की सही स्थल पर मौलिक स्वरूप के अनुरूप स्थापना होती है, तो निकट भविष्य में यह मंदिर पर्यटकों के लिए आर्कषण का केंद्र बिंदू तो होंगे ही इसके साथ जिला विश्व पर्यटन मानचित्र पर भी ऐतिहासिक धरोहर के लिए अपना स्थान अंकित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी विभागीय भवन राजस्व रिकार्ड में विभाग के नाम से दर्ज नहीं हैं वे विभाग राजस्व रिकार्ड में नाम दर्ज करवाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए राजस्व विभाग प्राथमिकता के साथ सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के तहत जिला में लगभग 200 किसानों ने खेती करना शुरू कर दिया है। इस वर्ष लगभग तीन हजार किसानों को इस योजना के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण देने तथा जागरूक करने के लिए जिला के 107 किसानों को नौणी बागबानी विश्वविद्यालय में भेजा जा रहा है, जहां पर सुभाष पालेकर स्वयं प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके तहत मंगलवार को टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। इस टेस्ट में दसवीं कक्षा में 75 प्रतिशत अंक और जमा एक व जमा दो कक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अकं प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। टेस्ट प्रक्रिया मंे लगभग 100 से अधिक विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें चंडीगढ़ स्थित ऐलन कोचिंग संस्थान के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर केवी घुमारवीं/बिलासपुर हाईड्रो इंजिनियरिंग कालेज, अतिक्रमण, आवारा पशुओं, पशु ट्रामा सेंटर, बिलासपुर मुख्य मार्ग सौंदर्यीकरण, ब्यास प्योर व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अतिरिक्त विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई तथा अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम राजीव कुमार, एसडीएम प्रियंका वर्मा, सहायक आयुक्त पूजा चौहान, सीएमओ डा. प्रकाश दडोच, डीआरओ देवी राम, आईपीएच विभाग के एक्सिएन ई. अरविंद वर्मा, विद्युत वोर्ड के ईं एमएस गुलेरिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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