डेरा समर्थक की हत्या पर पंजाब अलर्ट

जेल में कैदियों ने ली थी जान, तनाव का माहौल देखते सरकार ने कड़ी की सुरक्षा व्यवस्था

चंडीगढ़ -पंजाब के नाभा जेल में धार्मिक बेअदबी मामले के आरोपी और डेरा सच्चा सौदा अनुयायी महिंदरपाल की हत्या के बाद मालवा जिलों में तनाव के माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस के अनुसार मोगा, कोटकपुरा, फरीदकोट और श्रीमुक्तसर साहिब में बड़े पैमाने पर और खासकर नाम चर्चा घरों के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। इस बीच महिंदरपाल का शव सुबह कोटकपुरा में अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। महिंदर पाल की गुरुग्राम में पढ़ रही बेटी के आने का इंतजार परिजन कर रहे थे। उधर, लुधियाना से मिली खबरों के अनुसार नई जिला जेल के अधीक्षक बलकार सिंह की शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने हवालाती मनिंदर सिंह और कैदी गुरसेवक सिंह के खिलाफ धारा 302 हत्या और दूसरी धाराओं के तहत मामला देर रात दर्ज कर दिया था। मनिंदर सिंह हत्या के एक आरोप में चल रहे मुकदमे में जेल के सेल ब्लॉक नंबर तीन की चक्की नंबर 10 में बंद था, दूसरा आरोपी कैदी गुरसेवक सिंह हत्या के एक मामले में जेल में अपनी सजा काट रहा था और जेल के सेल ब्लॉक नंबर तीन की चक्की नंबर 11 में बंद था। इन दोनों ने शनिवार शाम पांच बजकर बीस मिनट पर सेल ब्लॉक-एक की चक्की-2 में बंद धार्मिक बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी महेंद्र पाल बिट्टू पर लोहे की रॉड से हमला किया था। हमले में महिंदर पाल वह बुरी तरह जख्मी हो गया और उसे लहूलुहान हालत में सिविल अस्पताल भेजा गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक ने यह पूछने पर कि क्या हत्या का कारण धार्मिक बेअदबी था, उन्होंने कहा कि यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। इस घटना को लेकर जेल के सहायक अधीक्षक अजमेर सिंह, जेल वार्डन अमन गिरी और मेजर सिंह को निलंबित किया गया है।

भाजपा ने घेरी सरकार

अमृतसर। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने पटियाला के नाभा जेल में विचाराधीन कैदी महिंद्र पाल बिट्टू की हत्या को पंजाब की कानून व्यवस्था पर काला धब्बा है। धार्मिक बेअदबी मामले में प्रमुख आरोपी और सिरसा डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी बिट्टू की दो कैदियों ने हत्या कर दी थी। श्रीमती चावला ने कहा कि इससे एक बार फिर साबित हो गया कि पंजाब की जेलों में राजनेताओं के पाले हुए कैदी, अपराधी जो चाहे कर सकते हैं और जिसे चाहे पिटवा या मरवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बहुत सी घटनाएं हुईं जहां जेल में ही विरोधियों को खत्म कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि  जेलों में नशे तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी राजनीति के ठेकेदारों और अपराधियों की मिलीभगत का ही  नतीजा है।

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