तत्तवानी आकर बुरे फंसे भक्तजन

बैजनाथ—धौलाधार की कंदिराओं  में बने कुदरती गर्म पानी के चश्मे तत्तवानी में गुरुवार को निर्जला एकादशी पर्व पर हजारों महिला-पुरुष बच्चों ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। मगर अव्यवस्थाओं का यह आलम था कि जो वहां पर महिलाओं के नहाने के लिए दो बाथरूम आईपीएच विभाग ने बनाए थे। उनमें पानी न आने के कारण महिलाओं को खुले में स्नान करने पर मजबूर होना पड़ा। जिसके चलते तत्तबानी घाटी शर्मसार हुई। मगर न राजनेताओं  न  ही आईपीएच विभाग को न प्रशासन और न ही सरकार को शर्म आई। हैरानी इस बात की है कि सदियों से इस घाटी में निर्जला एकादशी पर्व पर बैजनाथ ही नहीं अलबत्ता आसपास क्षेत्रों से हजारों लोग स्नान करने पहुंचते हैं। जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है। इस बार भी एक हजारों लोग उस घाटी में स्नान करने पहुंचे मगर वहां पर न तो रहने की उचित व्यवस्था थी, न महिलाओं को नहाने की उचित व्यवस्था। जिसके चलते हर कोई सरकार को प्रशासन को राजनेताओं को कोसता नजर आया। इस बारे तत्तवाणी के पुश्तैनी पुजारी ओम प्रकाश ने बताया कि आज से 35 वर्ष पूर्व नलोहता छोटा भंगाल घाटी के घिरथ राम ने दो कमरों की एक सराय का निर्माण किया था। मगर बुधवार रात आए तूफान के साथ उन दो कमरों की छत भी उड़ गई। रात को तत्तबानी पहुंचे  सैकडों लोगों को भारी बारिश तूफान में रात खुले में काटने पर मजबूर होना पड़ा। यही नहीं वहां पर आस्था प्रोजेक्ट द्वारा एक अन्य सराय का निर्माण किया गया है और एक छोटा सा मंदिर बनाया गया है। उसी के सहारे कुछ लोगों ने अपनी रातें बिताइर्ं। बाकियों को खुले में रात बिताने पर मजबूर होना पड़ा। पुश्तैनी पुजारी ओमप्रकाश का कहना है कि सरकार राजनेताओं और पर्यटन विभाग आईपीएच विभाग के अनदेखी के कारण यहां आने वाले भक्तों को अव्यवस्थाओं का आलम झेलना पड़ा। यह तो भला हो आस्था कंपनी का जिन्होंने वहां पर एक छोटा सा मंदिर एक सराय और छोटा सा नहाने का कुंड बनाया है। मगर सरकार व राजनेताओं की अनदेखी के चलते आज तक वहां पर कुछ भी संभव न हो सका। तत्तवानी पहुंचे सतीश शर्मा, मेहर सिंह, ठाकुर सिंह, नीमा देवी आदि का कहना है कि हर साल हजारों लोग निर्जला एकादशी पर स्नान करने तत्तवानी पहुंचते हैं मगर प्रशाशन व राजनेताओं को कोई भी लेना देना नहीं। उधर मझेरण से पहुंचे नरेंद्र शर्मा, उमा शर्मा,  अनिता सुघा, मधु शर्मा का कहना है कि पूरी घाटी में अव्यवस्था का आलम था। जहां तक प्रोजेक्ट वालों ने सड़क मार्ग का निर्माण किया वह तो ठीक, मगर पैदल चलकर जाने वाले रास्ते का बुरा हाल है। महिलाओं, बुजुगों, बच्चों को आने-जाने में भारी दिक्कत झेलनी पड़ी। पुश्तैनी पुजारी ओम प्रकाश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व प्रदेश के पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगायी है कि तत्तवानी को विकसित करने की योजना बनाई जाए अगर सरकार इस स्थल को विकसित के देती है तो एक तरफ यह पर्यटन स्थल मणिकर्ण की तरह विकसित हो जाएगा व यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलने लगेगा।ड्ड

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