तिमंजिला भवन जला, आग बुझाने में कम पड़े 30 कर्मी

शिमला —शिमला में सालों पुराना लकड़ी का बना तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आने से जलकर ढह गया और पूरी तरह से राख हो गया। हालांकि इस आगजनी की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, मगर भयंकर आग लगने से सालों पुराना लकड़ी से बना हुआ तीन मंजिला भवन पूरी तरह से राख हो गया। आगजनी की यह घटना शिमला लक्कड बाजार बस स्टैंड के समीप पेश आई है। यह घटना गुरुवार देर रात को पेश आई। अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना बीतेे गुरुवार रात को साढे 12 बजे के करीब मिली। सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग केे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, मगर तब तक आग की लपटें पूरे मकान में सुलग गई थीं और मकान गिर गया था। जानकारी के तहत सूचना मिलने के बाद तीनों स्टेशनों मालरोड, छोटा शिमला और बालूगंज से वाहन घटनास्थल तक पहुंच गए। मौके पर विभाग के 30 से अधिक कर्मचारी आग पर काबू पाने का कार्य कर रहे थे। लेकिन आग की लपटें काफी भयंकर होने से यह भवन कुछ ही समय में गिर गया। गनीमत यह रही कि जब यह भवन गिरा तो विभाग का कोई कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आया। इस घटना में लाखों रुपए के नुकसान का आकलन लगाया गया है, जो भवन आग की भेंट चढ़ा है। वह चौधरी भवन के नाम से जाना जाता था।

मुस्तैदी से बड़ा हादसा टला

शिमला में आगजनी की घटना यदि दिन के समय पेश आती, तो बड़ा हादसा पेश आ सकता था। भवन में आग सुलगने के बाद इमारत गिर गई। तीन मंजिला भवन का सारा मलवा सड़क पर आ गिरा। दिन के समय इस रास्ते पर राहगीरांे की आवाजाही अधिक रहती है। इतना ही नहीं इमारत से गिरा मलवा मुख्य मार्ग तक पहुचं गया था। अगर यह घटना दिन केे समय पेश आती तो बडा हादसा पेश आ सकता था।

हादसे में 10 लाख का नुकसान

भवन में आग सुलगने से लाखों का नुकसान हुआ है। अग्निशमन विभाग ने नुकसान का आकलन 10 लाख रुपए लगाया हैै, जबकि बचाई गई संपति की कीमत करोड़ों में लगाई गई है। इस इमारत के साथ ही बहुमंजिला भवन व होटल हैैं। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो शिमला में करोडों की संपति आग की भेंट चढ सकती थी। आगजनी की घटना में बचाई गई संपति की कीमत 10 करोड़ रुपए लगाई गई है।

सालों से खाली पड़ा था मकान

शिमला मंे जो भवन आग की भेट चढा है। वह सालों पुराना था। यह भवन सालों से खाली पड़ा हुआ था। भवन के जर्जर होने की स्थिति में इसमें रह रहे लोगों ने इसे खाली कर दिया था। यह भवन प्राचीन शैली में बना हुआ था। इसमंे लकड़ी व पत्थर का प्रयोग किया गया था। ऐसे में उक्त भवन में आग सुलगने के बाद यह भवन चंद ही पलों में राख के ढेर में तबदील हो गया। डिविजन फायर आफिसर डीसी शर्मा की अगवाई मे आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा।

कुछ समय पहले भी लगी थी हल्की आग

आग की भेंट चढे़ भवन में कुछ समय पहले भी हल्की आग सुलगी थी, जिस पर तुरंत काबू पा लिया गया था। लोगों के मुताबिक इस भवन में आए दिन नशेडियांें का डेरा रहता था। ऐसे में उक्त भवन में आग सुलगने का कारण भी अभी तक यही माना जा रहा हैै। इस भवन में इससे पहले दो बार हल्की आग लग चुुकी थी।

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