तीन साल से कार्यरत मजदूरों को तीन मिनट में नौकरी से निकालने का फरमान

सरकाघाट—ठेकेदारी प्रथा की मार झेल रहे एसटीपी प्लांट पपलोग मंे तीन वर्षों से कार्यरत आधा दर्जन गरीब मजदूरों को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा, जब उन्हें नए ठेकेदार ने  तीन मिनट की फोन कॉल पर हटाने का फरमान सुना दिया।  सीवरेज ट्रीटमंेट प्लांट पपलोग में कार्यरत रवि राठौर, संतोष कुमार, सन्नी ठाकुर, संजीव कुमार, अमर सिंह, अजय कुमार आदि मजदूरों ने बताया कि न कोई पूर्व सूचना न ही कोई नोटिफिकेशन और न ही कोई निकालने के लिखित आदेश दिए गए। हैरानी की बात है कि बेवजह उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना सरासर अन्याय है। उन्होंने बताया कि तीन वर्षों से इस प्लांट में ठेकेदारी के तहत वे काम कर रहे हैं और अब इस प्लांट का ठेका किसी दूसरे ठेकेदार को मिलने से उन्हें नौकरी से निकालने के फरमान  टेलिफोन पर जारी कर दिए हैं, जबकि उन्हें काम करने का तजुर्बा भी है और न ही उनके खिलाफ  कोई शिकायत है। वे कड़ी मेहनत कर दो वक्त की रोटी खा रहे हैं और और परिवार के प्रति जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास रोजी-रोटी का कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। इन हालातों मंे उनका रोजगार छिन जाता है तो वे कहीं के भी नहीं रहंेगे। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें वहीं नियमित तौर पर रखा जाए, ताकि वे अपने परिवार का गुजारा चला सके अन्यथा गरीब मजदूरों की अनदेखी की गई तो ठेकेदार व विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने पर वे मजबूर हो जाएंगे।

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