त्रिकोणासन के लाभ

त्रिकोणासन योग करते समय बॉडी का आकार त्रिकोण के जैसा हो जाता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन कहा जाता है। वजन घटाने के लिए यह सबसे आसान और असरदार आसन है। साथ ही इससे आप रीढ़ की हड्डी में दर्द, ब्लड शुगर और अन्य कई हैल्थ प्रॉब्लम्ज को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं त्रिकोणासन करने का सही तरीका और हैल्थ से जुड़े इसके फायदे।

त्रिकोणासन की विधि

इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को खोलकर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद हाथों को पैरों के समानांतर फैलाएं और पैरों के बीच में 2 फुट का गैप रखें। अब दाएं पैर के पंजे को दाएं हाथ से छूने की कोशिश करें। इस दौरान आपका दूसरा हाथ आसमान की ओर 90 डिग्री कोण पर होना चाहिए। 15-20 सेकंड तक इस पोजीशन में रहने के बाद सामान्य स्थिति में आएं। इसके बाद यही क्रिया दूसरे हाथ से भी दोहराएं।

वजन घटाए

त्रिकोणासन मैटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के साथ पाचनक्रिया को दुरुस्त रखता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे बॉडी की स्ट्रेचिंग होती है और फैट बर्न होता है।

डायबिटीज

इस योग की रोजाना प्रैक्टिस से टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। इतना ही नहीं, इसके अभ्यास से शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

दिल को रखे स्वस्थ

नियमित रूप से यह आसन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा इससे बॉडी भी डिटॉक्स होती है। यह योग कंधे और दिमाग में कैल्शियम के जमाव को रोकता है, जिससे आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं।

हाइट बढ़ाए

अगर आपके बच्चे की हाइट भी कम है, तो उसे रोजाना यह आसन करवाएं, क्योंकि यह बॉडी को स्ट्रेच करके हाइट बढ़ाने में मदद करता है। हाइट बढ़ाने के लिए कम से कम 6 से 12 साल के बच्चों को यह योग आसन करवाया जा सकता है।

शरीर को बनाए लचीला

अगर आप अपने शरीर के लचीलेपन को बढ़ाना चाहते हैं, तो यह आसन सबसे अच्छा ऑप्शन है। इस आसन का अभ्यास करने से सीने, टखनों, कूल्हों और पैरों को ताकत मिलती है। इसके अलावा इस आसन के अभ्यास से आपके पैर और हाथ दोनों मजबूत होते हैं।

माइग्रेन दर्द को करे दूर

अगर आपको माइग्रेन का दर्द रहता है, तो यह योग आसन आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। इससे दिमाग शांत होता है, जिससे माइग्रेन का दर्द भी गायब हो जाता है।

जोड़ों का दर्द दूर करे

त्रिकोणासन करने से शरीर में खून का बहाव ठीक रहता है, जिससे जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। इसके अलावा इससे रीढ़ की हड्डी और पीठ के दर्द में भी आराम मिलता है।

 

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