दफ्तरों में धूल फांक रहे जेनरेटर

मैहला—खंड विकास कार्यालय में बिजली गुल होने की सूरत में व्यवस्था को सुचारू रखने को लेकर लाखों रुपए की लागत से खरीदे गए जेनरेटर व बैटरियां धूल फांक रही हैं। जेनरेटर व बैटरियों को प्रयोग में न लाने के चलते बिजली गुल होने की सूरत में पूरे कार्यालय में अंधेरा पसरने के साथ-साथ कामकाज ठप हो जाता है, जिससे दूरदराज की पंचायतों से कामकाज के सिलसिले में आए लोगों की परेशानी दोगुना हो जाती है। जानकारी के अनुसार प्रदेश पंचायती राज विभाग ने सभी विकास खंड कार्यालयों व पंचायतों को बिजली गुल होने पर भी कामकाज को जारी रखने के लिए जेनरेटर व बैटरियां खरीदने के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों पर खंड विकास कार्यालय मैहला में भी लाखों रुपए की लागत से जेनरेटर व बैटरियों की खरीद की गई, मगर अभी तक जेनरेटर व बैटरियों को प्रयोग में नहीं लाया गया है, जिस कारण जनरेटर व बैटरियां कार्यालय परिसर के अंदर-बाहर धूल फांक रही हैं। खंड विकास कार्यालय में जेनरेटर व बैटरियों को प्रयोग में न लाने से वर्तमान में जरा सी हवा चलने पर बिजली गुल होने से कम्प्यूटर व लेपटाप बंद हो जाते हैं। डिजिटललाइजेशन होने के कारण सभी कार्य ऑनलाइन होते है। ऐसे में अगर विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो पूरा सिस्टम शट डाउन हो जाता है, जिससे स्टाफ के अलावा पंचायत प्रतिनिधियों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उधर, खंड विकास अधिकारी मुनीष कुमार का कहना कि जनरेटर के बारे में तो उन्हें पता नही, मगर जो बैटरियां आई हैं उन्हें, व्यवस्थित करने के लिए अभी बजट का प्रावधान नहीं है। जब बजट का प्रावधान होगा तो पूरे खंड कार्यालय की वायरिंग करवा के इन्हें सेटल किया जाएगा।

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