दस महीने बाद मिली डोम देवता की मूर्ति

देवता ने भी दिए थे संकेत; नाले में पीले कपड़े में लिपटी मिली प्रतिमा

 नारकंडा —गत वर्ष चोरी हुई उपतहसील कोटगढ़ के श्री डोम देवता पमलाई की मुख्य मूर्ति करीब दस माह बाद मिल गई है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह चेरी के सीजन में मजदूरी करने आए करसोग के मजदूर सुबह जब सैर कर रहे थे तो उन्हें बनकोटी गांव के समीप नाले में पीले कपडे़ में लिपटी एक  वस्तु दिखाई दी। पास जाने पर पाया कि यह एक मूर्ति है, जिसके बाद उन्होंने अपने मालिक दीपक ठाकुर तथा आसपास के ग्रामीणों को सूचित किया, जिसके बाद पता चला कि यह सैकड़ों साल पुरानी आराध्य डोम देवता की चोरी हुई मुख्य मूर्ति है। इसके बाद उन्होंने कारदार धनश्याम प्रताप सिंह, करतार सिंह मंदिर कमेटी प्रधान प्रेम कौल, गूर ओम प्रकाश को सूचित किया। इस पर देवता के कार-करिंदों ने मूर्ति की पहचान की। बताते चलें कि बीते साल 31 अगस्त, 2018 को कोटगढ़ के पमलाई में मंदिर से चोर 200 साल पुरानी आराध्य डोम देवता की मुख्य मूर्ति चुरा ले गए थे। चोरों ने खिड़की तोड़कर अष्टधातु की मूर्ति उड़ा ली। चोर देवता की अष्टधातु से बनी लगभग डेढ़ किलो की मुख्य मूर्ति ले गए थे, जो अब मिल गई है। इसके अलावा चांदी का छत्र, चांदी का कमंडल और चांदी का धनेरा भी चोर ले उड़े थे, जो कि लगभग एक किलो के आसपास था और ये सब अभी नहीं मिला है। उधर, डीएसपी अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि मंदिर कमेटी की सूचना के बाद पुलिस ने हर पहलू की जांच की गई।  मूर्ति जल्द मंदिर कमेटी को दे दी जाएगी।

लोगों की आस्था की हुई जीत

सैकड़ों साल पुरानी आराध्य डोम देवता की मुख्य मूर्ति मिलने से लोगों की आस्था की जीत हुई है। देवता ने अपने गूर के माध्यम से पहले ही इशारों में बता दिया था कि उनकी मूर्ति क्षेत्र में ही है और समय रहते वह मिल जाएगी। इसी माह क्षेत्र की आस्था का प्रतीक देवता साहिब डोम का थानाधार मेला 16 17 जून को धूमधाम से मनाया जाएगा। मेले से ठीक पहले देवता की मुख्य मूर्ति मिलने से लोगों में काफी खुशी है।

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