‘दिलों में नफरत नहीं’ से महफिल भाव-विभोर

हमीरपुर —राज्य स्तरीय कवि व साहित्यकार सम्मेलन स्थानीय पंचायत समिति भवन में रविवार को आयोजित हुआ। राष्ट्रीय कवि संगम हमीरपुर इकाई, साहित्य सृजन अकादमी हमीरपुर व शेष साहित्य सदन पपरोला के संयुक्त तत्वावधान में करवाया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मितल ने की व कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज ज्योति प्रज्वलन से किया गया। मंच संचालन कुमार पंकज, कुमारी ईरम व दयाल प्रसाद ने किया। चंबा से पधारे युवा कवि उतम सूर्यावंशी ने ‘दिलों में नफरत नहीं’ कविता सुनाकर महफिल को भावविभोर कर दिया। कांगड़ा से सुशांत ने कविता ‘प्रीत लगाउंगा, दिल नहीं लगाउंगा’ रचना पढ़ी। प्रताप जरियाल ने ‘नफरतों के इस जहान में प्यार जिंदा कर चलें’ और अनिता भारद्वाज ने ‘नया साल’ कविता का पाठ किया। हमीरपुर के रोहित विकास ने ‘मेरी खूबसूरत कहानी’ कविता पढ़ी, रुचिका ने ‘धरा का लाल आया है’, शिमला से रमन शर्मा ने ‘हे चिडि़या’ व कहानी बहूरूपिया का पाठ किया। गजलकार मुनीष तन्हा ने अपनी गजल ‘खुदा का नाम जो लेते उनको धक्का नहीं लगता’, सचिंता ने ‘धरा के स्वामी ज्ञान दे ध्यान दे’ तिलक राज ने ‘परिवर्तन’, विक्रम कौशल ने ‘मिली सरहद तो क्या हुआ, मैं शहीद होने आया हूं’, प्रभात सिंह राणा ने ‘वक्त ऐसा भी आएगा’, दिनाक्षी ने ‘नए युग’, बरसरिया ने ‘नजारे लूट लो’, प्रिया चौहान ने ‘घायल घाटी कश्मीर’ कविता पढ़ी, कुमारी रिद्धिमा ने ‘बेटी हूं मैं’, रितिक पठानिया ने ‘दिल में तस्वीर है उसकी’, महेश ने ‘एक गहरा सा जख्म है, भरोगे क्या’ आदि कवियों ने शानदार कविताएं पढ़ीं। इस समागम में 100 से ज्यादा कवि मौजूद रहे।

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