दुखी सैहब कर्मी देंगे इस्तीफा

शिमला —नगर निगम के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने फिर से मोर्चा खोल दिया है। वेतन बढ़ोत्तरी की मांग के समर्थन में सैहब कर्मचारी यूनियन ने निगम को सामूहिक त्याग पत्र देने की चेतावनी दे डाली है। सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन का आरोप है कि निगम  प्रशासन पिछले काफी समय से वेतन बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर कर्मचारियों को गुमराह कर रहा है। ऐसे में यूनियन ने निर्णय लिया है कि यदि 8 व 9 जून को निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के वेतन बढ़ोत्तरी पर अंतिम फैसला नहीं लिया तो 10 जून को सभी कर्मचारी अपना कार्य छोड़कर सामूहिक त्याग पत्र दे देंगे। सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह का कहना है कि दिसंबर माह में वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर उन्होंने निगम प्रशासन को मांग पत्र सौंपा था। यूनियन को आश्वासन दिया गया था मई माह में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन दिया जाएगा। लेकिन कर्मचारियों को मई माह में बढ़ा हुआ वेतन जारी नहीं हुआ। इसके पश्चात यूनियन ने निगम प्रशासन को दोबारा से मांग पत्र सौंपा था। इस मांग पत्र को सौंपने के बाद निगम प्रशासन ने यूनियन को आश्वस्त करवाया था कि कर्मचारियों को जून माह में वेतन बढ़ोत्तरी के साथ मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जून माह के वेतन में भी कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। ऐसे में कर्मचारियों में भारी रोष है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि यदि निगम प्रशासन दो दिन के अल्टीमेटम के दौरान उनकी मांग पूरी नहीं करता है तो 10 जून को कर्मचारी कार्य छोड़ त्याग पत्र दे देंगे जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी। शिमला में डोर टू डोर गारबेज कलैक्शन का कार्य सैहब कर्मचारी संभाल रहे हैं। सैहब में 450 के करीब कर्मचारी मौजूदा समय में सेवा दे रहे हैं जो शहर के 40 हजार घरों से कूड़ा एकत्र करते हैं। प्रत्येक कर्मचारी 15 हजार वेतन देने की मांग कर रहा है। इसके साथ-साथ कर्मचारी सहायक सुपर वाइजर को प्रमोट करने की भी मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर यूनियन पहले भी हड़ताल पर पर जाने की चेतावनी दे चुकी है। अगर निगम प्रशासन द्वारा समय रहते इनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो शिमला में समर सीजन के दौरान स्थानीय लोगों सहित सैलानियों को दिक्कतंें झेलनी पड़ सकती हैं। 

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