दुनिया में बढ़ी कॉकरोच के दूध की डिमांड

स्वास्थ्य के प्रति चरम दीवानगी को लेकर लोग चरम सीमा तक जाने के तैयार रहते हैं। मगर, इस बार उन्हें जिस चीज की दीवानगी है, वह है कॉकरोच का दूध। सुनकर ही शायद आपके रोंगटे खड़े हो जाएं या घिन आने लगे। मगर, यह सच है। इनसानों के लिए पैसेफिक बीटली कॉकारोच का दूध प्रोटीन सप्लीमेंट्स का अच्छा सोर्स हो सकता है। अन्य कॉकरोच जहां अंडे देते हैं, वहीं पैसेफिक बीटली कॉकरोच सीधे बच्चों को जन्म देते हैं। कॉकरोच की यह प्रजाति शिशुओं के लिए भोजन के रूप में प्रोटीन क्रिस्टल का उपयोग करती है। वैज्ञानिक उस वक्त चकित रह गए जब उन्होंने तिलचट्टों के भ्रूण के अंदर प्रोटीन क्रिस्टल्स की खोज की। भारत, फ्रांस, जापान, कनाडा और नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ हेल्थ इन अमरीका के वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि कॉकरोच के मिल्क क्रिस्टल्स में पाया जाने वाला सघन पदार्थ में उतनी ही ऊर्जा थी, जितनी गाय के दूध में होती है। वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि इसमें गाय के दूध से चार गुना अधिक प्रोटीन होता है।

 

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