देवता चतुर्मुख व नाग देवता के दर्शन को उमड़ी आस्था

नारकंडा—उप तहसील कोटगढ़ खनेटी क्षेत्र के ऐतिहासिक तानु जुब्बड़ मेले के समापन अवसर पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं ने नाग देवता तानुजुब्बड़ (खाचली) के प्रांगण में हाजिरी भरकर क्षेत्र के आराध्य देव चतुर्मुख महाराज व नाग देवता के दर्शन कर सुख समृद्वि की आशीष प्राप्त की। तानुजुब्बड़ में दो दिन तक चलने वाले मेले का आरंभ वीरवार को देवता चतुर्मुख व नाग देवता तानुजुब्बड़ (खाचली) के मिलन से हुआ। शुक्रवार को तानु जुब्बड़ मेले में देवता महाराज की भव्य जातर का आयोजन किया गया जिसमें देवलुओं संग श्रद्वालुओं ने नृत्य किया। इसके अलावा नाटियों सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। जरोल पंचायत की प्रधान सुशीला श्याम ने बताया कि नागदेवता तानु जुब्बड़ (खचली) के प्रांगण में लगने वाला यह मेला क्षेत्र का ऐतिहासिक मेला है। मेले का आगाज क्षेत्र के आराध्य देवता चतुर्मुख मैलन के पधारने से होता है। चतुर्मुख देवता मैलन कोटगढ़ खनेटी क्षेत्र के सैकड़ों देवलुओं के साथ तानु जुब्बड़ पहुंचते हैं। इस अवसर पर देवलुओं द्वारा नाटी का आयोजन भी किया जाता है। मान्यता है कि जब चतुर्मुख देवता तानुजुब्बड़ पहुंचते हैं तो यह नजारा मनमोहक होता है। उन्होंने  बताया कि मेले को लेकर पंचायत ने पूरी तैयारी की है। नाग देवता तानुजुब्बड़ (खाचली) के प्रांगण में एक मनमोहक प्राकृतिक झील भी है, जोकि मुख्य आकर्षण का केंद्र है और लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। शुक्रवार को देव विदाई के साथ ऐतिहासिक तानु जुब्बड़ का मेला विधिवत संपन्न हुआ।

You might also like