देवी-देवताओं के बिना अधूरा जुबली मेला

स्यांज –ग्राम पंचायत स्यांज माता शैलपुत्री के प्रांगण में चार दिवसीय जुबली मेले का शुभारंभ मंगलवार से शुरू हुआ। क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक मां शैलपुत्री के प्रांगण मंे मेला चार जून से सात जून तक बड़े हर्षोल्लाष के साथ मनाया जाता था, लेकिन अब तीसरी बार भी देवी-देवता मेले मे नहीं आंएगे। खबर लिखे जाने तक दो वर्ष से लगातार आ रही मां शैलपुत्री काशन स्यांज, मां चतुर्भुजा महाकाली तरौनी मेला मैदान में विराजमान रही। गवाड़ी देव के पंडित अमित शर्मा का कहना है कि तीन वर्षों से देवी-देवता के ठहरने की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे पहले देवी-देवता मां शैलपुत्री के मंदिर मे ठहरते थे, लेकिन वहां पर भी ठहरने के लिए मना कर दिया है गया है। बताते चलें कि श्रद्धालु दर्जनों देवी-देवताओं के दर्शन पाने के लिए दूर-दूर से आते हैं। अमित शर्मा का यह भी कहना है कि हर वर्ष देवी-देवताओं को आमंत्रित तो किया जाता है, मगर सुचारु रूप से व्यवस्था नहीं होने से मेला हर वर्ष आराध्य देवी-देवताओं के बिना अधूरा ही नजर आ रहा है। अमित शर्मा तथा क्षेत्र के लोगों ने ठाकुर जयराम मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार से गुहार लगाई है कि स्यांज जुबली मेले की दिक्कतों को सुलझाने में मदद की जाए।

 

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