देश भर के ट्रैकरों ने किया पहाड़ों का रुख

कूल्लू—कुल्लू-मनाली सहित लाहुल के पहाड़ों में कदमताल ने रफ्तार पकड़ ली है। देशी ट्रैकरों के साथ विदेशी ट्रैकरों ने भी पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है। समर सीजन के ढलान पर पहुंचते ही ट्रैकिंग कारोबार गति पकड़ लेगा। बरसात के दिनों में ट्रैकर कूल्लू.मनाली का रुख करते हैं। बर्फबारी के कारण पिछले साल से बंद पड़े लंबे ट्रैक रूटों पर भी कदमताल शुरू हो गई है।हालांकि इस साल सर्दियों में बर्फबारी अधिक होने से लंबे ट्रेक रूट देरी से बहाल होंगे एलेकिन आसपास के सभी दो से तीन दिवसीय रूटों में कदमताल ने रफ्तार पकड़ ली है। जुलाई माह के पहले सप्ताह में विदेशी ट्रैकर भी घाटी में दस्तक देंगे। जून महीने में देशभर के ट्रैकरों की संख्या अधिक देखने को मिल रही है। कुल्लू- मनाली व आसपास के क्षेत्रो में सैलानी ट्रैफिक  जाम का सामना कर रहे है, लेकिन ट्रैकर सेलानी पहाड़ों में शांति से धूमने का आनंद ले रहे है। इन साल स्कूल और कालेज के ग्रुपों ने भी ट्रैकिंग में रुचि दिखाई है। पहाड़ में कदमताल के  शौकीनों की दस्तक से ट्रैकिंग से जुड़े कारोवरियो के कारोवार ने भी गति पकड़ है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली सहित कई ट्रैवल एजैंसियां पहाड़ों में कदमताल करवा रही हैं। प्रदेश भर के अधिकतर ट्रैक रूट खुल गए हैं़ जबकि जुलाई के प्रथम सप्ताह में लंबे ट्रैक रूटों चंद्रताल से बारालाचा, दारचा से पदम, मयाड़ के कांगला ग्लेशियर से कारगिल,जंसकर,  हामटा से छतडू, मनाली से जगतसुख से गोरुपास पीन पास, किन्नौर,  खीर गंगा, पिन पार्वती,  चंद्रखणी, जीभी, जाणा, कसोल, पीज, रसोल, मलाणा, लगघाटी के साथ लगते तीयून, डायनासोर,  बड़ा भंगाल, पिन वैली से स्पीति-काजा व मनाली से हनुमान टिब्बा सहित समस्त रूटों पर कदमताल शुरू हो जाएगी। दशकों से ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े हिमालयन एडवेंचर के संचालक रूप चंद नेगी व टैंकर नवीन चंद ठाकुर ने  बताया कि जून महीने में देशभर के स्कूल व कालेजों के विद्यार्थियों के कारण मनाली व कुल्लू में खूब रौनक लगी है। जून के अंत में विदेशी ग्रुपों से मनाली चहकने वाली है। ये अधिकतर विदेशी समूह पहाड़ों को नापने के मकसद से मनाली आ रहे हैं। मनाली डीएसपी शेर सिंह ने ट्रैकरों से आग्रह किया कि वो ट्रैकिंग में जाने से पहले थाने में अपना पंजीकरण जरूर करवाए। जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू बीसी नेगी ने सैलानियों से आग्रह किया की पर्यटन विभाग में पंजीकृत ट्रैबल एजेंसियों द्वारा ही टै्रकिंग करें, ताकि सुरक्षा बनी रहे।

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