दो अफसरों पर कोर्ट मार्शल की तलवार

श्रीनगर – वायु सेना 27 फरवरी को श्रीनगर के नजदीक हुए एमआई-1715 चॉपर क्रैश मामले की जांच के आखिरी स्टेज पर पहुंच गई है। इस घटना के लिए दो अधिकारियों को कोर्ट-मार्शल का सामना करना पड़ सकता है। 27 फरवरी को जब पाकिस्तान ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद हवाई हमले की कोशिश की थी, ठीक उसी दिन वायु सेना का एमआई-17 चॉपर श्रीनगर के नजदीक बडगाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें वायु सेना के छह कर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। ऐसी खबर सामने आई थी कि एयरक्राफ्ट को श्रीनगर में तैनात वायु सेना के ही डिफेंस सिस्टम स्पाइडर ने गलती से हिट कर दिया था। सूत्रों ने बताया, एयर कॉमोडोर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चल रही कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी ने अपनी जांच पूरी कर ली है, लेकिन आरोपी अधिकारियों ने और साक्ष्यों की मांग की है, जिस वजह से दोबारा जांच की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी के मुताबिक, दो अधिकारी गलतियों के लिए कोर्ट मार्शल का सामना कर सकते हैं। एयर फोर्स के शीर्ष अधिकारी और सरकार चाहती है कि मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी को श्रीनगर स्थित 154 हेलिकॉप्टर यूनिट का एमआई-1715 चॉपर टेक ऑफ के दस मिनट के भीतर ही क्रैश हो गया था। जिस वक्त यह क्रैश हुआ ठीक उसी वक्त करीब 100 किलोमीटर दूर भारत और पाकिस्तान के जेट के बीच डॉग फाइट चल रही थी। जिस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान एफ-16 जेट को मार गिराया था।

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