दो बार बदली सरकार, पर नहीं बदले संगड़ाह अस्पताल के हाल

संगड़ाह—पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा वर्ष 2011 में शिलान्यास किए जाने के पौने आठ साल बाद भी संगड़ाह अस्पताल भवन का निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। इस भवन की दो साल की निर्धारित निर्माण अवधि समाप्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार को अंतिम तारीख पर तारीख दी जा रही है। पूर्व प्रदेश सरकार के कार्यकाल की तर्ज पर वर्तमान सरकार के समय में भी पहले इस भवन की अंतिम अवधि 31 दिसंबर, 2018 व फिर 31 मार्च, 2019 तय की गई। विभाग के अनुसार अब केवल दो-तीन माह में भवन तैयार हो सकता है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार अब स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा करीब 3.30 करोड़ का शेष बजट जारी न किया जाना निर्माण लंबित रहने का प्रमुख कारण है। विभाग के अधिशाषी अभियंता संगड़ाह के अनुसार इस भवन का 90 फीसदी के करीब वास्तविक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष बजट जारी करने के लिए स्वास्थ्य निदेशक को रिमाइंडर भेजा जा चुका है। जगह की कमी के चलते वर्तमान बीएमओ के अनुसार, जहां मौजूदा बिस्तरों की संख्या 15 से घटाकर 10 करनी पड़ी, वहीं नई बिल्डिंग के इंतजार में दो साल से एक्स-रे सुविधा भी बंद है। स्वास्थ्य खंड संगड़ाह की 41 पंचायतों को उपमंडल मुख्यालय पर मौजूद यह संस्थान सेवाएं दे रहा है।  करीब 5.40 करोड़ के इस भवन का शिलान्यास 13 अक्तूबर, 2011 को तत्त्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा किया गया था तथा 11 अगस्त, 2016 को पूर्व सीपीएस लोक निर्माण विनय कुमार द्वारा दोबारा इस भवन का भूमिपूजन अथवा शिलान्यास किया गया। भवन न बनने से, जहां संगड़ाह अस्पताल में एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज होना आम बात है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों के स्टोर के लिए भी निजी भवन किराए पर लेना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता संगड़ाह रतन शर्मा के अनुसार अस्पताल भवन का करीब 3.30 करोड़ का शेष बजट उपलब्ध होना शेष है तथा इस बारे में स्वास्थ्य निदेशक हिमाचल प्रदेश को स्मृति पत्र भी भेजा जा चुका है। जल्द पूरा बजट मिलने की सूरत में दो-तीन माह में यह भवन उद्घाटन के लिए तैयार हो सकता है।

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