धर्मशाला में नशे के खिलाफ ललकार

धर्मशाला —मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस  के मौके पर गुंजन संस्था ने मंगलवार को धर्मशाला में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे डा. उमेश भारती ने कहा कि नशे जैसी कुरीतियों से बचने के लिए सामाजिक ढांचे में बड़ा सुधार लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पड़ोसी के घर को भी अपना ही घर समझा जाता था,  लेकिन मौजूदा दौर में पड़ोस की जानकारी ही नहीं होती है कि वहां कौन रहता है और क्या हो रहा है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया ग्रुप के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने भी बिखरते सामाजिक सरोकारों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक सरोकारों को संजोना है और उसके लिए सभी संस्थाओं और जनमानस को मिलकर काम करना होगा। इस अवसर पर दैनिक समाचार पत्र के संपादक नवनीत शर्मा ने कहा कि जब हम वैचारिक रूप से मजबूत होंगे, तभी कुछ कर पाएंगे। इसके अलावा सीएमओ कांगड़ा डा. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि नशे जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए सरकारी स्तर पर कई अभियान चलाए जा रहे हैं। सूचना एवं जन संपर्क विभाग के उपनिदेशक अजय पराशर का कहना है कि सिस्टम को बदलने की आवश्यकता है। जब तक दोहरा जीवन जीते रहेंगे तो परिवर्तन संभव नहीं होगा। पूर्व टाउन प्लानर पीपी रैणा ने कहा कि समाज का हाल बिगड़ रहा है बच्चों को अध्यात्म व संस्कारों से जोड़ने की आवश्यक्ता है। इस मौके पर केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक अमरीन जमाली, एडवोकेट विश्वचक्षु पुरी, दुर्गेश नंदन, विजय कुमार, निखिल शर्मा, आदि उपस्थित रहे।

इन्हें मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाली कुछ हस्तियों को भी सम्मानित किया गया इनमें सीमा सांख्यान, विनोद भावुक, रमेश सींगटा, अविनाश विद्रोही व दीपिका शर्मा के नाम शामिल हैं।

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