नई दिल्ली में हिमाचल के हक को आवाज

मुख्यमंत्री ने हाटी समुदाय को मांगा जनजातीय दर्जा

शिमला – लोकसभा के चुनाव में हाटी समुदाय से किए वादे को पूरा करने की कसरत प्रदेश सरकार ने शुरू कर दी है। दिल्ली गए हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गृह मंत्री से मुलाकात कर इस मामले को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने हाटी समुदाय के लिए जनजातीय दर्जे की मांग की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने और लोकसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सिरमौर जिला के गिरीपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजातीय समुदाय का दर्जा प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि इस समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें विकास के अधिक से अधिक अवसर प्रदान किए जा सकें। उन्होंने राज्य के लिए एक और महिला आईआरबी बटालियन स्वीकृत करने के लिए भी अनुरोध किया। अमित शाह ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

पांच हेक्टेयर तक वन भूमि बदलने का अधिकार प्रदेश को दिया जाए

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री से उठाई मांग

शिमला – दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल के मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट कर उन्हें हिमाचल प्रदेश से जुड़े वन और पर्यावरण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में चल रही विकासात्मक गतिविधियों में और तेजी लाने के लिए पांच हेक्टेयर वन भूमि तक परिवर्तित करने की शक्ति राज्य सरकार को प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल का अधिकतर क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, जिससे परियोजनाओं को पूरा करने में बाधा उत्पन्न होती है। यदि वन भूमि को परिवर्तित करने की शक्ति राज्य को प्रदान की जाती है, तो विकासात्मक परियोजनाओं के कार्य निष्पादन में तेजी आएगी। उन्होंने अवगत करवाया कि हिमाचल प्रदेश देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत है, जो काफी दूर है और विकास कार्यों में विलंब होता है। यदि हिमाचल प्रदेश को क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत शामिल किया जाता है, तो कार्य निष्पादन में सुगमता और तेजी आएगी, क्योंकि चंडीगढ़ हिमाचल के काफी निकट है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को उनकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद किया और उनके द्वारा रखे गए मामलों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

संपर्क सड़कों की मरम्मत को उपलब्ध करवाएं धन

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात कर बस्तियों और आंतरिक सड़कों के रखरखाव के लिए बजट में प्रावधान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उपयुक्त बजट प्रावधान के बिना पंचायतें इन सड़कों का समुचित रखरखाव करने में सफल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण प्रदेश की सड़कें आवागमन का मुख्य स्रोत हैं। इसलिए इनके रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करने का भी आग्रह किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रखरखाव के लिए प्रदान की जा रही धनराशि अपर्याप्त है, जिसमें बढ़ोतरी की आवश्यकता है, ताकि इन सड़कों का उचित रखरखाव किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और शुभकामनाएं देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

फिर उठी हिमालयन रेजिमेंट की मांग

शिमला – मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए सेना में एक हिमालयन रेजिमेंट देने की मांग की है। शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट कर उन्होंने यह मांग उठाई। साथ ही प्रदेश से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सैनिकों और अधिकारियों की वीरता को देशभर में जाना जाता है और बड़ी संख्या में प्रदेश के युवा सेना अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मंडी जिला में सुरक्षा की दृष्टि से प्रस्तावित हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह हवाई अड्डा बहुत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने अवगत करवाया कि हवाई अड्डे के निर्माण के लिए सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो गया है और आग्रह किया कि शेष औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा किया जाए। राजनाथ सिंह ने शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और उनके ध्यान में लाए गए मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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