नमस्ते धर्मशाला प्रोजेक्ट को ग्रामीण विभाग की ‘नमस्ते’

धर्मशाला—ग्रामीण पर्यटन को पंख लगाने के लिए धर्मशाला ब्लॉक द्वारा तैयार किया गया नमस्ते धर्मशाला प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबकर रह गया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने धर्मशाला में यह अनोखी पहल की थी, जिसके बाद प्रदेश भर में ग्रामीण पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद जगने लगी थी। लेकिन छह माह बाद भी नमस्ते धर्मशाला प्रोजेक्ट जस से तस नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट को लांच हुए अब तक पूरे छह माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक नमस्ते धर्मशाला प्रोजेक्ट में अभी तक एक भी पर्यटक इस टूअर का आंनद नहीं ले पाया है और न ही एक रुपए की आमदन विभाग जुटा पाया है। अभी तक इस ट्रिप में महाराष्ट्र के पंचायती राज संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को सरकार खर्च पर सैर करवाई है।  गौर रहे कि नमस्ते धर्मशाला प्रोजेक्ट के तहत देश-विदेश से पर्यटक नगरी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए सरकार ने एक दिन में धर्मशाला दर्शन करवाने के लिए योजना तैयार की थी। इसमें धर्मशाला दर्शन के लिए पर्यटकों को प्रति व्यक्ति 1300 रुपए अदा करने थे, जिसमें धर्मशाला के 11 अनछुए पर्यटन स्थलों का दौरा इस एक दिवसीय टूअर में करना था। इसी भाड़े में सरकार ने दोपहर के खाने में स्पेशल कांगड़ी धाम व संायकाल में स्थानीय कलाकारों द्वारा संस्कृति संध्या का आयोजन करवाने थे। लेकिन आलम यह है कि छह माह का समय बीत गया है पर प्रोजेक्ट अभी तक एक भी टूअर नहीं कर पाया है।

दिल्ली की कंपनी चलाएगी प्रोजेक्ट 

नमस्ते धर्मशाला टूरिज्म प्रोजेक्ट को अब ग्रामीण विभाग निजी कंपनी के जिम्मे सौंपेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग अब दिल्ली की निजी कंपनी से एमओयू साइन करेगा, जिसमें निजी कंपनी विभाग द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट पर ही कार्य करेगी। इसमें पर्यटन स्थल पर किराया वहीं रहेगा। सूत्रों ने बताया कि इस माह के मध्य में इस प्रोजेक्ट को चालू कर दिया जाएगा।

 नमस्ते धर्मशाला में चयनित स्थान

नमस्ते धर्मशाला टूअर के तहत सबसे पहले पर्यटकों को सनराइज प्वाइंट इंदू्रनाग, इसके बाद खनियारा के चाय के बागानों में घुमाया जाएगा। इसके बाद शिव के प्राचीन मंदिर अघंजर महादेव, तिबेतन मठ्ठ नोरबुलिंगा, गाईतो मठ्ठ के दर्शन करवाए जाएंगे। पर्यटकों को दोपहर के खाने में कांगड़ी धाम परोसी जाएगी। इसके बाद तपोवन में स्थित बेहतरीन खूबसूरत चीड़ के जगलों में टहलने के लिए समय दिया जाएगा। पर्यटकों को अंतरराट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खूबसूरती दिखाई जाएगी। धर्मशाला के चीलगाड़ी चाय के बाग पर्यटकों को दिखाए जाएंगे, कांगड़ा कला संग्रहालय और अंतिम पड़ाव सन सेट प्वाइंट सतोवरी में होगा। सतोवरी में ही पर्यटकों को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

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