नाहन के लोगों को शीघ्र मिलेगा गिरि नदी का पानी

नाहन—सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन की प्यास बुझाने के लिए करीब 54 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो चुकी गिरि उठाऊ पेयजल योजना तैयार खड़ी है। योजना के अंतिम पड़ाव की तमाम तकनीकी व ग्राउंड लेवल की तैयारियां पूरी करने में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग युद्ध स्तर पर लगा है। उम्मीद की जा रही है कि चंद माह में ही नाहन शहर के लोगों के गले को तर-तर करने वाली यह योजना शीघ्र शहर को समर्पित की जाएगी। इसके लिए योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। योजना की बकायदा टेस्टिंग की जा रही है तथा पिछले करीब दो महीने से लगातार गिरि उठाऊ पेयजल योजना से नाहन शहर को टेस्टिंग के तौर पर करीब 12 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। आईपीएच विभाग इस योजना के पानी के भंडारण के लिए नाहन शहर के दो पुराने टैंक को आपस में जोड़ने के लिए पाइप लाइन बिछाने का टैंडर अवार्ड कर चुका है। जानकारी के मुताबिक नाहन शहर में मुख्य रूप से दो पेयजल स्टोर टैंक बने हुए हैं। इनमें से एक टैंक एसडीएम कार्यालय के कैंपस में स्थित है तो दूसरा टैंक उपायुक्त आवास के समीप बना है। आपातकाल के लिए दोनों ही टैंक आईपीएच विभाग द्वारा चार ईंच की पाइप लाइन से आपस में जोड़े गए हैं, परंतु दशकों पहले जुड़ी इस पाइप लाइन में कैल्शियम जम चुका है, जिसके चलते इस पाइप का दायरा चार ईंच से घटकर मात्र डेढ़ ईंच रह गया है। अब विभाग ने इस पूरी पाइप लाइन जो कि दोनों शहर के मुख्य स्टोर टैंक को आपस में जोड़ती है की पाइप लाइन को बदलने की प्रक्रिया को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है। दोनों टैंक को अब 10 ईंच की पाइप लाइन से आपस में जोड़ा जा रहा है। इसके लिए बकायदा टैंडर भी अवार्ड हो चुके हैं तथा चंद माह में यह कार्य भी पूरा हो जाएगा। इसके अलावा शहर में गिरि उठाऊ पेयजल योजना के लिए पांच नए स्टोर टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है जो इस योजना के प्रतिदिन नाहन पहुंचने वाले लाखों लीटर पानी को स्टोर करेगा।  खैरी उठाऊ पेयजल योजना से प्रतिदिन 28 लाख लीटर पानी नाहन पहुंच रहा है, जबकि नेहरस्वार पेयजल योजना से 12 लाख लीटर पानी शहर की पेयजल आपूर्ति को पूरा कर रहा है।  आईपीएच विभाग नाहन उपमंडल के सहायक अभियंता ईं. जितेंद्र ठाकुर के मुताबिक दोनों पुरानी पेयजल योजना का नवीनीकरण किया गया है तथा स्थानीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल द्वारा दोनों ही योजनाओं के जीर्णोंद्वार पर करीब 13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करवाई गई थी, जिससे दोनों ही योजनाओं से पानी की आपूर्ति में प्रतिदिन करीब 18 लाख लीटर पानी का इजाफा हुआ है।                  

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