नाहन नगर परिषद को अवमानना नोटिस जारी

शिमला  —हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद नगर परिषद नाहन की परिधि में अवैध निर्माण व अतिक्रमण न हटाने पर प्रदेश हाई कोर्ट ने नगर परिषद के सभी सदस्यों के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि अदालती आदेशों की अवहेलना किए जाने पर उनके खिलाफ  क्यों न अवमानना की कार्यवाही की जाए। साथ ही नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस परिषद को अधिनियम के अनुसार भंग किया जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने अनिल अग्रवाल द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद डीसी सिरमौर और एसडीएम नाहन को भी अवमानना नोटिस जारी किया है।  मामले के अनुसार नगर परिषद नाहन ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया था कि नगर परिषद की आम सभा का आयोजन दस जनवरी को किया गया था। इसमें अतिक्रमण व अवैध निर्माण करने वालों को 15 दिन का कारण बताओ नोटिस का प्रस्ताव पारित किया गया। डिमार्केशन के लिए परिषद स्टाफ के पांच सदस्यों सहित वार्ड सदस्य की तकनीकी टीम के गठन का निर्णय भी लिया गया था। बैठक में पुराने मामले छह महीने के भीतर निपटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। इसके बाद 28 मार्च को नगर परिषद के सभी सदस्यों की बैठक बुलाई गई, जिसमें बताया गया कि कुल 280 अवैध अथवा अतिक्रमण के मामले पाए गए हैं, जिन्हें 30 दिन में बिजली काटने के नोटिस जारी किए गए हैं। 27 लोगों की सूची एसडीएम नाहन को भेजी गई है, जिन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है। 88 निर्माणों की सूची भी एसडीएम को दी गई है, जिनकी डिमार्केशन करने की बात कही गई है। नगर परिषद नाहन ने 244 लोगों की सूची भी हाई कोर्ट के समक्ष रखी, जिनकी बिजली काटने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। पिछले आदेशों के तहत हाई कोर्ट ने पाया था कि नगर परिषद नाहन अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाने में कोई रुचि नहीं दिखा रही है। कोर्ट ने प्रधान सचिव शहरी को आदेश दिए थे कि वह व्यक्तिगत रूप से नगर परिषद नाहन के कार्यों पर नजर बनाए रखें। मामले की सुनवाई पांच जुलाई को निर्धारित की गई है।

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