निजी भू-मालिकों को लकड़ी के ज्यादा दाम

 शिमला -निजी भू-मालिकों से लकड़ी की खरीद के लिए दी जाने वाली राशि को बढ़ा दिया गया है। राज्य वन विकास निगम प्राइवेट लैंड ओनर से लकड़ी की खरीद करता है। इस वित्त वर्ष में यह लकड़ी 10 से 15 फीसदी अधिक दामों में खरीदी जाएगी, जिससे निजी भू-मालिकों को राहत मिलेगी। उनकी जमीन पर उपलब्ध लकड़ी का उन्हें ज्यादा मूल्य मिल सकेगा। इसे लेकर सरकार ने पहले निर्णय ले लिया था, जिस पर सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। कैल, चील व अन्य चौड़े पत्तेदार पेड़ों की लकड़ी पर 15 फीसदी राशि की बढ़ोतरी की गई है, वहीं शेष के लिए 10 फीसदी अधिक राशि देकर खरीद की जाएगी। वन निगम ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए लकड़ी की अलग-अलग दरों को निर्धारित किया गहै। वहीं इसमें अलग-अलग किस्म की लकड़ी का भी रेट तय किया गया है। चंबा में देवदार की लकड़ी का मूल्य 6216 रुपए प्रति मीट्रिक टन, भरमौर में  4987 रुपए, चुराह में 6216 रुपए, डलहौजी में 6427 रुपए, पालमपुर में 5475 रुपए, धर्मशाला में 5475 रुपए, सिराज में 6336 रुपए, पार्वती व कुल्लू वैली में 6336 रुपए, जोगिंद्रनगर व मंडी में 6314 रुपए, नाचन में 8061 रुपए, करसोग में  6263 रुपए, सुकेत में 6618 रुपए, चौपाल में 7932 रुपए, राजगढ़ में 7783 रुपए, रेणुका में 7768 रुपए, रामपुर, किन्नौर, कोटगढ़ व आनी में 6634 रुपए, रोहडू में 7695 रुपए, ठियोग, शिमला व सोलन जिला में 7374 रुपए मीट्रिक टन के हिसाब से निजी भू-मालिकों को उनकी लकड़ी का पैसा देय होगा। इसी तरह से  कैल, स्प्रूस, चीड़, साल, सैन व अन्य वृक्षों की लकड़ी के रेट भी बढ़े हुए दामों पर निर्धारित किए गए हैं।

 

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