निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र सही फैसला

संगठन ने कहा, एग्जाम सेंटर का विरोध न करें सरकारी शिक्षक

कांगड़ा – हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल संगठन ने राज्य मुक्त विद्यालय की परीक्षाआें के संचालन को निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने पर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष व सचिव का आभार प्रकट किया है। संगठन का कहना है कि सरकारी स्कूलों के अध्यापक निजी स्कूलों में एसओएस परीक्षा केंद्र दिए जाने का विरोध न करें। निजी स्कूलों में पहले ही प्र्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अध्ययन केंद्र दिए हैं तथा अब परीक्षा केंद्र दिए जाना कोई गलत नहीं है। हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल संगठन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश रॉकी तथा महासचिव अंकुर कटोच ने कहा कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी ने दसवीं तथा जमा दो कक्षा में फेल विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सराहनीय निर्णय लिया है। शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष द्वारा उक्त कक्षाआें में फेल छात्रों को एसओएस के माध्यम से ली जाने वाली परीक्षाआें में बैठने का मौका प्रदान किया है। इससे विद्यार्थियों को भी राहत मिली है तथा उनका एक साल बचा है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को एसओएस के परीक्षा केंद्र दिए जाने को गलत बताने के बयान भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के अध्यापकों को शिक्षा बोर्ड के इस निर्णय का विरोध करने की बजाय स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा पहले ही निजी स्कूलों में एसओएस के अध्ययन केंद्र दिए गए हैं तथा अब परीक्षा केंद्र दिया जाने को लेकर विरोध करना गलत है। शिक्षा बोर्ड ने एसओएस की परीक्षाआें के सुचारू संचालन के लिए यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा सामग्री तथा प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाकर भी कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश निजी स्कूल संगठन ने इसके लिए शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी, बोर्ड सचिव डा. हरीश गज्जू तथा अन्य अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष द्वारा लिए जा रहे निर्णय राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्र हित में हैं।

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