नैक की नजर में आएंगे सभी प्राइवेट कालेज

प्रदेश भर के निजी शिक्षण संस्थानों को केंद्र के आदेश, लेना होगा ग्रेड

शिमला —हिमाचल प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थान में छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा व सुविधाओं से केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर की है। भारत सरकार ने हिमाचल के प्राइवेट कालेजों और विश्वविद्यालयों को नैक के दायरे में आने के निर्देश दिए हैं। एमएचआरडी ने साफ किया है कि सरकारी कालेजों के साथ अब बड़े निजी शिक्षण संस्थानों को भी नैक से पांच साल बाद निरीक्षण करवाना होगा। ऐसा न करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता पर खतरा हो सकता है। गौर हो कि प्रदेश में करीब 107 निजी शिक्षण संस्थान हैं। इन निजी शिक्षण संस्थानों पर भारत व राज्य सरकार की ज्यादा नजर नहीं रहती है। इसी वजह से लाखों की फीस लेकर छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने में निजी शिक्षण संस्थान पीछे रहते हैं। शिकायत मिलने पर शिक्षा नियामक आयोग कार्रवाई तो करते हैं, लेकिन उसका भी इन शिक्षण संस्थानों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। जानकारी के अनुसार शिक्षा नियामक आयोग ने प्राइवेट कालेज व विश्वविद्यालयों को कई बार छात्रों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और शिक्षा में गुणवत्ता लाने के आदेश जारी किए थे। यहां तक की कई संस्थानों को जुर्माना भी लगाया गया था। बावजूद इसके शिक्षण संस्थान भारी भरकम फीस लेने के बाद भी छात्रों को नाममात्र ही सुविधाएं दे रहे हैं। अब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने निजी संस्थानों से फीस का ब्यौरा भी ऑनलाइन रखने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि फीस की ज्यादा बढ़ोतरी करने वाले शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही ली जाएगी। गौर हो कि भारत सरकार ने इस साल से सरकारी कालेजों के लिए रूसा का बजट लेने के लिए नैक से ग्रेड लेना पहले ही जरूरी बताया है। 2019-2020  में भारत सरकार तभी कालेजों को ग्रेड देंगी, जब उन्होंने नैक से मान्यता ली हो। बता दें कि पांच साल में एक बार होने वाले नैक के दौरे के दौरान छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा के स्तर से लेकर मूलभूत सुविधाओं को आंका जाता है। इन सुविधाओं के आधार पर ही नैक कालेजों को ग्रेड देती है।  गौर हो कि भारत सरकार से निजी शिक्षण संस्थानों को बजट में कोई सहायता नहीं मिलती है। अब केंद्र ने कहा है कि निजी संस्थानों की एजुकेशन को जांचने के लिए नैक का दौरा करवाना अनिवार्य है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

निजी शिक्षण संस्थानों को नैक के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नैक की वेबसाइट साल में मार्च और सितंबर में खोली जाती है। इस दौरान कालेजों को नैक के दौरे से पहले मांगे जाने वाले सभी डाक्यूमेंट भेजना जरूरी होता है।

एक भी संस्थान को ग्रेड नहीं

अभी तक प्रदेश के किसी भी निजी संस्थान ने नैक से ग्रेड नहीं ली है। नैक से ग्रेड लेने के लिए भारत सरकार ने निजी शिक्षण संस्थानों को वर्ष 2020 तक का समय दिया है। तय समय में नैक से ग्रेड न लेने वाले निजी संस्थानों की सूची जारी कर उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।

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