न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स में करियर 

परिचय : 

बारहवीं के उपरांत ही पोषण एवं आहारिकी का कोर्स आपको एक रोमांचक करियर प्रदान कर सकता है। गृह विज्ञान अथवा होटल प्रबंधन में डिग्री आपको पोषण एवं आहारिकी का उच्च-स्तर का ज्ञान करा सकती है। भारत में पारंपरिक रूप से इस क्षेत्र में वैसे तो महिलाएं ही पदार्पण करती हैं परंतु आजकल अवसरों की अधिकता होने के कारण पुरुष भी इस क्षेत्र में करियर बनाने लगे हैं…

खर्चा कितना होगा

कॉलेज के चयन के आधार पर स्नातक कोर्स की फीस 10000 रुपए तथा इससे अधिक भी हो सकती है। डिप्लोमा कोर्स की फीस इससे हालांकि अधिक हो सकती है पर यह एक-वर्षीय कोर्स में दो वर्ष का कॉन्टेंट समाहित होने पर यह ज्यादा आकर्षित होता है।

चरणबद्ध प्रक्रिया

साधारणतः पोषण एवं आहारिकी कोर्स का मुख्य उद्देश्य होता है. पोषण एवं आहार से जुड़ी परेशानियों को जनसंख्या के एक तबके को लेकर चिह्नित करना। देश में मौजूद पोषण एवं आहार से जुड़ी समस्याओं के नियंत्रण के लिए सामाजिक, आर्थिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम विधिओं का विकास करना। पोषण एवं आहार से जुड़ी योजनाओं के प्रबंधन व प्रशासन के लिए नई तकनीकों का विकास करना तथा उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करना। पोषण के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देकर भावी वैज्ञानिकों की एक पौध तैयार करना। पोषण से जुड़े मुद्दों पर सरकार एवं अन्य स्वस्थ्य संस्थानों को समय-समय पर सलाह देते रहना।

पदार्पण

स्कूली शिक्षा खत्म करने के पश्चात आप पोषण एवं आहारिकी में स्नातक कोर्स में दाखिला ले सकती हैं पर तभी जब आपके पास इसमें दाखिले के लिए न्यूनतम अंक हों। अन्यथा इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप किसी भी प्रसिद्ध संस्थान के एक-वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान इस क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध संस्थान है। यह कॉलेज पोषण में सर्टिफिकेट कोर्स तथा डिग्री कोर्स प्रदान करता है। पोषण के क्षेत्र में अनुसंधान के कारण इस कॉलेज की प्रतिष्ठा संपूर्ण विश्व में है। एसएनडीटी कॉलेज मुंबई तथा मैंगलोर विश्वविद्यालय भी इस क्षेत्र में कोर्स संचालित करते हैं।

क्या यह मेरे लिए सही करियर है?

यदि आपको बचपन से ही खाना पकाना एवं विभिन्न देशों के विभिन्न व्यंजनों की खोज करना फसंद है तो पोषण एवं आहारिकी विषय आपके लिए है जहां आप नियंत्रित खान-पान की रूप-रेखा बनाना जान सकते हैं। शरीर के भार और माप पर आधारित बॉडी-मास इंडेक्स के अनुसार शरीर के लिए प्रतिदिन जरूरी वसा, कार्बोहाईड्रेट व प्रोटीन की मात्रा का निर्धारण करने के लिए किसी व्यक्ति के खान-पान का चार्ट बनाया जाता है। शुरुआती तौर पर यह करियर कम पारिश्रमिक देने वाला होता है परंतु अनुभव लेने के बाद इस क्षेत्र में बहुत अवसर हैं तथा यहां आपके विदेश जाने के भी अवसर हैं।

छात्रवृत्ति

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व अन्य कई बैंक भारत में शिक्षा के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ऋण व विदेश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपए तक का ऋण देते हैं। यह धनराशि छात्र आसान किश्तों में अदा कर सकते हैं।

रोजगार के अवसर

करियर बनाने की दृष्टि से देखें तो आज होटल, लाइसेंस, अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य विभाग भी पोषण एवं आहारिकी विशेषज्ञ को अच्छे-खासे वेतन पर नियुक्त करते हैं। यदि आप शेल, मर्स्क जैसी शिपिंग कंपनियों अथवा उनकी सहायक कंपनियों में जॉब का अवसर प्राप्त करते हैं तो आपको विश्वभ्रमण का मौका भी मिल सकता है।

वेतनमान

पोषण एवं आहारिकी में कोर्स करने वाले फ्रेशर को किसी अच्छे अस्पताल या नर्सिंग होम में 10 से 20 हजार की नौकरी आसानी से मिल जाती है। बहुत सी खेल संस्थाएं, कंपनियां और कारखाने अपने आहार-गृह के लिए व्यंजन-सूची बनाने वाले पोषण एवं आहारिकी विशेषज्ञों की सेवाएं लेती हैं। स्पा और कई क्लीनिक भी अपने ग्राहकों के लिए स्वस्थ एवं कम-कैलोरी वाला फूड-चार्ट बनाने के लिए आहार विशेषज्ञों की सेवाएं लेते हैं। यदि इस कोर्स के साथ होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर लिया जाए तो वेतन 20 से 25 हजार भी हो सकता है।

मार्केट वॉच

डाक्टर या इंजीनियर की तरह यह एक मुख्यधारा का करियर न होकर सहायक सपोर्टिंग करियर माना जाता है हालांकि उपभोक्ता सामान बनाने वाली लगभग सभी कंपनियां जैसे कॉलगेट,  क्लोज-अप,  अमूल,  बॉर्नविटा,  कॉम्प्लान इत्यादि अपने अनुसंधान से जुड़े कार्यों के लिए आहार विशेषज्ञों को नौकरी देती हैं…

मांग एवं आपूर्ति

स्वस्थ रहने तथा ज्यादा कैलोरी वाले भोजन जो कि मोटापा और हाइपर-टेंशन जैसी बीमारियों को निमंत्रण देता है, के प्रति लोगों को जागरूक होने की वजह से पोषण एवं आहारिकी विशेषज्ञों की मांग बढ़ गई है। जबकि मांग की तुलना में आपूर्ति कम है। शुरुआती वेतन कम होने की वजह से केवल महिलाएं ही इसक्षेत्र में करियर बनाने के बारे में सोचती हैं चूंकि यह एक कम थकावट व कम व्यस्तता वाला प्रोफेशन है। हालांकि आज इस क्षेत्र के कई डाक्टर एवं पोषण विशेषज्ञ जाना-पहचाना नाम बन गए हैं। ये टीवी पर आकर लोगों को डाईट-चार्ट के बारे में समझाते हैं। कई बड़े नाम बड़ी कंपनियों में भी कार्यरत हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन

विकसित देशों में डाईट-मास्टर का बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान माना जाता है तथा अब भारत में भी इनकी जरूरत महसूस की जाने लगी है। यूएस जैसे देशों में औषधीय आहार विशेषज्ञों को 20 से 40 हज़ार अमरीकी डॉलर मासिक वेतन मिल जाता है पर उसके लिए उन्हें उन कंपनियों द्वारा वांछित विशेषज्ञता हासिल करनी होती है

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