पंचायतों का पुनर्गठन करेगी प्रदेश सरकार

शिमला  —प्रदेश सरकार राज्य की पंचायतों का पुनर्गठन करने जा रही है। हालांकि अभी प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में 3226 पंचायतें हैं, लेकिन अब प्रदेश की जयराम सरकार उनमें पुनर्गठन करने जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2014 में भी पुनर्गठन किया गया था।  उस समय प्रदेश में 3243 पंचायतें थी, जो घटकर 3226 पंचायतें रह गई। पांच साल बाद अब फिर से पुनर्गठन होना है। पंचायतीराज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में पंचायतों का सर्वे होगा और दूसरे चरण में जनसंख्या को मुख्य बिंदु बनाने का लक्ष्य रखा है। यानी सर्वे और जनसंख्या के आधार पर ही पंचायतों का पुनर्गठन होगा। यह सर्वे पंचायत प्रधान की देख-रेख में नहीं, बल्कि आम जनता के सहयोग से होगा। सर्वे में पंचायत प्रधानों को दूर रखने के पीछे उनकी राजनीति को दूर रखने का है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों का पुनगर्ठन के लिए सभी बीडीओ से भी सुझाव मांगे हैं। उसके बाद ही सर्वे का काम शुरू होगा। ऐसे में जिन पंचायतों में अधिक जनसंख्या हैं उसे दूसरी पंचायत के साथ मर्ज किया जाएगा और जिन पंचायतों की जनसंख्या कम हैं, उसे दूसरी कम जनसंख्या वाली पंचायत के साथ मिला दिया जाएगा। हालांकि यह सभी मामला सर्वे रिपोर्ट के बाद सामने आएगा, लेकिन इस सर्वे के बाद प्रदेश में पंचायतें बढ़ भी सकती है।

पंचायती राज एक्ट में भी संशोधन करेगी सरकार

प्रदेश सरकार पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी में हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ  राजनीतिक शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी में है। पंचायतीराज विभाग इसको लेकर मसौदा तैयार करेगा। मसौदे को स्वीकृति के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री को सौंपा जाएगा। इसके पश्चात प्रदेश सरकार से इसकी मंजूरी ली जाएगी। राज्य में पंचायत प्रतिनिधियों विशेषकर पंचायत प्रधान के खिलाफ  बड़ी संख्या में अनियमितताओं व अन्य तरह की शिकायतें आती हैं। यह भी देखने में आया है कि पंचायत चुनावों में हारने वाला जीतने वाले व्यक्ति के खिलाफ  शिकायत करता है। भारी संख्या में इस तरह की शिकायतें आने के कारण विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का अधिकांश समय इन मामलों को निपटाने में गुजरता है। इनमें से अधिकांश शिकायतों में चार्जशीट नहीं बनती है।

 

You might also like