पंचायतों को कचरा मुक्त बनाने को 427.42 करोड़

केंद्र ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत हिमाचल के लिए मंजूर की राशि

शिमला –हिमाचल प्रदेश की 500 पंचायतों को कचरा मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 427.42 करोड़ रुपए की धनराशि मंजूर की है। जल्दी ही यह पैसा राज्य को मिल जाएगा, जिसके साथ यहां पर पंचायतों को कचरा मुक्त बनाने का विशेष अभियान चलेगा। इन पंचायतों को दो अक्तूबर यानी महात्मा गांधी की जयंती तक जीरो वेस्ट ग्राम पंचायत बनाया जाएगा। प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों में पंचायतों को चयनित किया है, जिन्हें कचरा मुक्त बनाया जाएगा। इनको जीरो वेस्ट का तमगा लगेगा। सभी पंचायतों में केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशि से ठोस, तरल कचरा प्रबंधन के लिए यूनिट लगाए जाएंगे। इससे गांव में पैदा होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन हो सकेगा। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। जानकारी के अनुसार विभाग शहरों की तर्ज पर गांवों में भी डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की मुहिम शुरू करेगा। इसके तहत गांवों में घर-घर से गीला व सूखा कचरा एकत्रित किया जाएगा, ताकि यहां पर लोग घरों से निकलने वाले कूड़े-कचरे को खुले में न फेंक सकें। अभी गांव में कचरे को ठिकाने लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग या तो जंगलों में कचरे को फेंक कर ठिकाने लगा रहे हैं या कूड़े को जला कर इसका निष्पादन कर रहे हैं। इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। विभाग गांवों में भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट लगा कर सफाई पर ध्यान देगा। प्रदेश के गांवों में तालाबों, झीलों और पानी के स्रोंतों को प्रदूषण से बचाने के लिए इनके चारों ओर ग्रिल, तारें और बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि लोग इन्हें गंदा न कर सकें। पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार ने पंचायतों को जीरो वेस्ट बनाने के लिए धनराशि मंजूर कर दी है। पैसा मिलने के साथ गांधी जयंती तक योजना को अंजाम दिया जाएगा। योजना के लिए 500 पंचायतों का चयन कर लिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने गांवों को जीरो वेस्ट बनाने के लिए नई योजना बनाई है, जिसका हिमाचल को बेहद फायदा मिलेगा।

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