पंजाब-केंद्र सरकार को सम्मन

हाई कोर्ट ने पूछा, मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन

चंडीगढ़ -पंजाब के संगरूर जिला में बोरवेल में गिरने से दो वर्षीय फतेहवीर सिंह की मौत का मामला हाई कोर्ट पहुंच चुका हैं। इस मामले में सोमवार को पंजाब-हरियाणा होई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर दोनों सरकारों से तीन जुलाई तक जवाब मांगा है। इस मामले में दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आखिर मासूम की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है। इसे स्पष्ट किया जाए। बीते छह जून को भगवानपुरा गांव में दो वर्षीय बच्चा फतेहवीर बोरवेल में गिर गया था, जिसे प्रशासन एवं एनडीआरएफ की टीम ने पांच दिन के बाद बोरवेल से बाहर निकाला था, जिसके बाद चंडीगढ़ पीजीआई ने मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। एक जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए बोरवेल खुले रखने का आरोप लगाया गया था।  दूसरी याचिका में राहत एवं बचाव कार्यों पर सवाल उठाते हुए जिला उपायुक्त एवं पंजाब सरकार को ार्टी बनाया गया था। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायधीश ने पंजाब और केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए वकीलों से पूछा कि जिस बोरवेल में गिरने से फतेहवीर की मौत हुई है, वह किसने खोदा था। इसके जवाब में सरकारी वकील ने बताया कि वह बोरवेल फतेहवीर के परिजनों द्वारा ही खोदा गया था। यह सुनते ही न्यायधीश ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिसने बोरवेल खोदा है उसे बंद करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। इसके बाद न्यायाधीश ने सभी वकीलों से पूछा कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह साफ किया जाए कि आखिर दो वर्षीय बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है, जिसका जवाब वकील नहीं दे सके। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसान अगर अपनी सुविधा के लिए बोरवेल की खुदाई कर रहे हैं तो उसे ढकने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। सभी खुले बोरवेल पर सरकार कैसे नजर रख सकती है। यह किसी एक नहीं, बल्कि हजारों गावों से जुड़ा मामला है और आजकल धान के सीजन में बोरवेल बना रहे हैं। ऐसे में किसानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

अगली सुनवाई तीन को

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से एनडीआरएफ द्वारा चलाए गए समूचे आपरेशन तथा पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर राहत एवं बचाव के लिए उठाए गए तत्काल कदम तथा फतेहवीर की मौत के लिए सरकार किसे जिम्मेदार मानती है, के बारे में पूछा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी।

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