पत्रकार-चित्रकार-फनकार बनने को कोई नहीं तैयार

मंडी—आज्ञानता को जिम्मेदार बताएं या सरकार और शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही कि हालात ऐसे हो चुके हैं कि कोई पत्रकार, चित्रकार या फनकार बनने को तैयार नहीं है। इस बात पर वल्लभ राजकीय महाविद्यालय में मुहर लग रही है। दरअसल वल्लभ कालेज में दाखिला प्रक्रिया चल रही है और सोमवार को आवेदन पत्र जमा करवाने की आखिरी तारीख थी, लेकिन पत्रकारिता (जेएमसी), म्यूजिक, पेंटिंग और डांस विषय में ढूंढ कर भी छात्र नहीं मिल रहे हैं। जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में पढ़ाई के लिए मात्र दो, पेंटिंग में एक, संगीत में नौ, स्कलप्चर में दो, अप्लाइड आर्ट में तीन और टूअर एंड ट्रैवल में पांच, साइकोलॉजी में चार, एजुकेशन में एक और डांस में एक ही आवेदन आया है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि सभी भाषाओं की जननी संस्कृत पढ़ने के लिए भी कोई तैयार नहीं है। संस्कृत पढ़ने के लिए मात्र तीन छात्रों के आवेदन आए हैं। सभी विषयों में से दस विषय ऐसे हैं, जहां दस से भी कम छात्रों ने पढ़ाई के लिए आवेदन किया है तो इनमें भी छह विषयों में तो पांच से कम छात्रों के आवेदन आए हैं। इसलिए संबंधित कोर्स पढ़ाने वाले शिक्षकों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गई हैं कि नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाएं किसे। इसलिए सरकार और शिक्षा विभाग के लिए यह चिंतनीय विषय है कि आखिर इन विषयों में छात्र क्यों दाखिला लेना नहीं चाह रहे। इसके अलावा सबसे ज्यादा आवेदन फिजिकल साइंस के लिए आए हैं फिजिकल साइंस की पढ़ाई के लिए 465 छात्रों ने अप्लाई किया है, जबकि लाइफ साइंस में 339, हिस्ट्री में 310, पोलीटिकल साइंस में 189, जियोग्राफी में 34, सोशोलॉजी में 13, इकोनॉमिक्स में 33, हिंदी में 110, मैथ्स में 37, इंग्लिश में 90, फिजिकल में 14, जबकि बीकॉम के लिए 222 छात्रों ने आवेदन किया है। आवेदन के लिहाज से देखा जाए तो साइंस की पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा आवेदन छात्रों ने किए हैं। लाइफ साइंस विषय के लिए दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा 339 आवेदन पहुंचे हैं, जबकि तीसरे नंबर पर इतिहास छात्रों का सबसे पसंदीदा विषय रहा है।

कमेटी भी हार गई नहीं मिले छात्र

छात्रों को दाखिले के लिए शिक्षकों की कमेटी भी बनाई गई थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। हालांकि कुछ विषयों में संबंधित विषय के शिक्षकों को छोड़ दूसरे विषय के शिक्षक कमेटी मेंबर बनाए गए। इस पर भी चिंतन करना होगा।

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