पहले की तरह रहेगा लैब तकनीशियन का पदनाम

कांगड़ा – प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान अस्पतालों में तैनात लैब तकनीशियनों का बदले पदनाम को पहले की तरह ही बहाल करने का आश्वासन प्रदेश सरकार ने दिया है। वर्ष 2017 में इन पदों को ग्रेड-वन तथा ग्रेड-टू में बदला गया था।  इस पदनाम को पूर्व की भांति ही रखने की मांग को लैब तकनीशियनों द्वारा वर्तमान प्रदेश सरकार के समक्ष भी उठाया था, जिस पर प्रदेश सरकार ने इस मामले में लैब तकनीशियनों को सीनियर लैब तकनीशियन तथा चीफ लैब तकनीशियन पदनाम ही बहाल रखने का आश्वासन दिया है। हाल ही में डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में पहुंचे मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री से अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ टांडा के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था। महासंघ के प्रधान एसएस राणा, वरिष्ठ उपप्रधान निर्मल पंवर तथा महासचिव विशाल शर्मा ने टीएमसी में रिक्त पड़े पद भरने को प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया है। महासंघ के प्रधान ने कहा कि इस दौरान आरकेएस के तहत तैनात कर्मचारियों को रेगुलेर पे-स्केल देने की मांग पर भी जल्द ही प्रक्रिया पूरे करने की बात कही गई है। टीएमसी में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के क्वार्टरों के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान करने का भी आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान महासंघ ने न्यू पेंशन स्कीम को बंद कर पुरानी पेंशन बहाल करने, वर्किंग वूमन होस्टल निर्माण, होस्टल मैनेजर के रिक्त पदों को भरने तथा टीएमसी से डेपुटेशन पर स्टाफ को अन्य चिकित्सा संस्थानों में न भेजने की भी मांग रखी गई।

 

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