पहेलियां

1.

बेजुबान फिर भी मैं बोलूं, सारी दुनिया दिल पर ढो लूं।  मैं लोगों का दिल बहलाता, अब बोलो मैं क्या कहलाता।

2.

तीन अक्षर का देश हूं, जानते लोग लाख करोड़ पीठ काटो बन जाऊं पांच अंगुली का जोड़ा।

3.

 धूप देख मैं आ जाऊं छांव देख शरमा जाऊं, जब हवा करे मुझे स्पर्श मैं उसमें समां जाऊं, बताओ क्या ।

4

ऊपर से नीचे बहता हूं, हर बरतन को अपनाता हूं, देखो मुझको गिरा न देना। वरना कठिन हो जाएगा भरना।

  1.  

दुनिया भर की करता सैर, धरती पर न रखता पैर , दिन में सोता रात में जगता, रात अंधेरी मेरे बगैर, अब बताओ मेरा नाम ।

 

उत्तरः 1.  रेडियो 2. पंजाब, 3. पसीना, 4. द्रव्य   5 चांद

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