पहेलियां

1.

प्यार करुं तो घर चमका दूं वार करूं तो ले लूं जान

जंगल में मंगल कर दूं कभी कर दूं मैं शहर वीरान।

2.

कपड़े उतरवां पंखा चलवां कहती अभी-अभी ठंडा पीने से

नहा के आया फिर से कहती नहाने को।

3.

न किसी से झगड़ा न लड़़ाई , फिर भी होती सदा पिटाई।

बताओ कौन।

4.

जो जाकर न वापस आए जाता भी वह  नजर न आए

सारे जग में उसकी चर्चा वह तो अति बलवान कहाए।

1.बिजली , 2. गर्मी , 3. ढोल, 4.  समय

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