पांवटा में आग की भेंट चढ़ी एक करोड़ की संपत्ति

पांवटा साहिब—पांवटा साहिब मंे एकमात्र अग्निशमन केंद्र होने और सुविधाओं की कमी के कारण इस बार अप्रैल और मई माह मंे ही करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति और किसानों की फसलें आगजनी की भेंट चढ़ चुकी है। आगजनी ने जहां किसानों की गेहूं की सैकड़ों बीघा भूमि पर कहर बरपाया है। वहीं कई मकान भी इसकी भेंट चढ़े हैं। इसके साथ साथ कई पशु भी आगजनी का शिकार हुए हैं। जानकार बतातें है कि यह सब विभाग के पास सुविधाओं की कमी के कारण हुआ है। यदि सरकार द्वारा यहां पर अग्निशमन चोकियां खोली जातीं और सुविधाएं मुहैया करवाई जाती तो लाखों की संपत्ति को जलने से बचाया जा सकता था। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में इस गर्मियों मे सिर्फ  अप्रैल और मई माह में 70 से ज्यादा छोटे-बड़े मामले आगजनी के आए है। जिसमें करीब एक करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। बीते दो माह के भीतर पांवटा साहिब मंे औसतन हर दूसरे दिन आगजनी की घटनाएं हुई हैं। कई बार तो एक ही दिन मंे आधा दर्जन से अधिक मामले आगजनी के सामने आए। इस घटनाओं में गेहूं की खेतों में आग, उद्योगो में आग, दुकानों व अन्य आग की घटनाएं शामिल है। इन घटनाओं के दौरान विभाग के पास सुविधाओं की कमी खूब खली। यहां तक कि एक बार तो नाहन से एक अग्निशमन वाहन मंगवाना पड़ा। इसके अतिरिक्त केंद्र स्टाफ  की भी भारी कमी से जूझता पाया गया। हालांकि पांवटा के नाहन रोड पर सूरजपूर के पास अग्निशमन केंद्र है लेकिन विस्तृत दायरा होने के कारण सतौन रोड़ पर औद्योगिक क्षेत्र गोंदपूर मंे भी एक अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठ रही है। अमरकोट पंचायत के प्रधान राकेश मेहरालू ने बताया कि गोंदपुर में फायर स्टेशन खोलने के लिए पूर्व की कांग्रेस सरकार से भी पंचायत मांग कर चुकी है। इसके अलावा अप्रैल माह मे पांवटा दौरे पर आए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भी पंचायत की ओर से मांग उठाई गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि गांेदपुर में फायर स्टेशन खोलने की जरूरत है। क्योंकि यहां पर ज्यादा फैक्टरियां भी है। और आसपास जंगल भी है। जबकि यहां से फायर स्टेशन दूर है। हिमाचल चैंबर ऑफ  कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सतीष गोयल ने कहा कि पांवटा में दो फायर स्टेशन सहित चोकियों की जरूरत है। पांवटा के सूरजपूर फायर स्टेशन के प्रभारी प्रेम चौधरी ने बताया कि पांवटा क्षेत्र काफी फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि पांवटा के इस फायर स्टेशन से पांवटा के अलावा गिरिपार और आंजभोज का विस्तृत एरिया पड़ता है। दूरी के कारण कई बार फायर कर्मियों को पहुंचने में देरी होती है। इसलिए फायर चोकियों की जरूरत को देखते हुए सरकार को प्रोपोजल भेजा गया है।       

सूरजपुर अग्निशमन केंद्र के पास हैं विस्तृत दायरा

पांवटा साहिब का औद्योगिक क्षेत्र गांेंदपुर तेजी के साथ विकसित हुआ है। यहां पर छोटे बड़े कई उद्योग चल रहे है। यहां पर फायर स्टेशन की जरूरत है। यहां पर फायर स्टेशन खोलने के लिए पूर्व व वर्तमान की सरकारों से कई बार उद्योगपतियों व पंचायत की ओर से मांग की गई। लेकिन इस ओर कोई भी सरकार ध्यान नहीं दे रही है। पांवटा व आसपास के क्षेत्र करीब 250 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग है। जिसमें अकेले गोंदपुर क्षेत्र में 100 से ज्यादा छोटे बड़े उद्योग है। यहां से सूरजपूर फायर स्टेशन करीब 15 किमी दूर पांवटा-नाहन एनएच पर है। इसके अलावा गोंदपुर से पहले सिरमौर की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन है। इसलिए इस औद्योगिक क्षेत्र गोंदपूर में फायर स्टेशन खोलने की मांग लंबे समय से चल रही है।

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