पिटे पाक के लिए अब भारत के खिलाफ करो या मरो का मैच

टांटन – पाकिस्तानी सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक ने भारत के खिलाफ रविवार को होने वाले विश्वकप मैच को ‘भारी दबाव वाला’ करार दिया, जो कि आस्ट्रेलिया से हार के बाद उनकी टीम के लिये करो या मरो जैसा बन गया है। कप्तान सरफराज अहमद और नौवें नंबर के बल्लेबाज वहाब रियाज के आाखिरी क्षणों में अच्छी बल्लेबाजी के बावजूद पाकिस्तान को बुधवार को यहां आस्ट्रेलिया से 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद वह अंकतालिका में आठवें स्थान पर खिसक गया है। इमाम से पूछा गया कि क्या इस हार से ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाला भारी दबाव वाला मैच उनके लिए करो या मरो जैसा बन गया है, उन्होंने कहा कि हां, हमारा एक मैच बारिश से धुल गया था, जो कि हमारे लिए महत्त्वपूर्ण था। हमारे लिए अब प्रत्येक मैच महत्त्वपूर्ण बन गया है, इसलिए हां, आप ऐसा कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस तरह के मैच का हिस्सा होना शानदार है। यह मैनचेस्टर में होगा जहां काफी पाकिस्तानी प्रशंसक हैं, इसलिए मैं वास्तव में इसको लेकर उत्साहित हूं। पाकिस्तान और भारत, इसके पीछे बहुत सारे रहस्य हैं लेकिन हम केवल क्रिकेट में अपने मजबूत पक्षों और उन्हें बेहतर करने पर ध्यान दे रहे हैं। इमाम आस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन बनाकर आउट हुए और इससे वह काफी निराश हैं। एक समय पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट पर 136 था लेकिन इमाम के आउट होते ही परिस्थिति बदल गयी और तीन अन्य विकेट जल्दी गिरने से स्कोर छह विकेट पर 160 हो गया। उन्होंने कहा कि मैं अच्छा खेल रहा था तथा यह टीम मुझ पर और बाबर (आजम) पर निर्भर है। बाबर के आउट होने के बाद पारी को अच्छी तरह से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मेरी थी। मैं अच्छा खेल रहा था, लेकिन यह अच्छी गेंद नहीं थी, जिस पर मैं आउट हुआ।

16 जून तक सुधार लेंगे फील्डिंग

टांटन – पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ लचर क्षेत्ररक्षण के बाद अपने साथियों से भारत के खिलाफ होने वाले विश्व कप के महत्त्वपूर्ण मैच से पूर्व इस विभाग में सुधार करने के लिए कहा है। आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 307 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान केवल 266 रन ही बना पाया और उसे 41 से हार का सामना करना पड़ा। सरफराज ने कहा कि हमने सभी विभागों में कई गलतियां की। मैं अपने क्षेत्ररक्षण से काफी निराश हूं। भारत के खिलाफ खेलने से पहले हमें इसमें सुधार के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

You might also like