पिपलू मेला… 14 किसानों ने खरीदी साहीवाल

बंगाणा—प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोमूत्र एवं गोबर की बड़ी महत्ता है। इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेले में ग्र्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर के प्रयासों से प्रदेश की पहली देशी नस्ल के गाय की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को देशी गाय खरीदने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बल्कि प्राकृतिक खेती में देशी गोपालन के फायदे बारे भी जागरूक किया जा रहा है। इसी देशी गाय प्रदर्शनी एवं पशु मंडी में पहले दिन ही क्षेत्र के प्राकृतिक खेती से जुड़े लगभग 14 किसानों ने देशी नस्ल की गाय साहीवाल को खरीदा है तथा विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को पशु प्रबंधन एवं फीड इत्यादि की जानकारी भी मुहैया करवाई जा रही है। इस बारे ग्र्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में देशी नस्ल के गो पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है तथा पिपलू मेले के माध्यम से प्रदेश की पहली देशी नस्ल गाय की प्रदर्शनी एवं मंडी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों द्वारा देशी नस्ल की गाय जैसे साहीवाल, रैडसिंधी, गिर, थार पारल को बढ़ावा देने के लिए सरकार 25 हजार रुपए तक की सबसिडी का प्रावधान किया है।

78 हजार रुपए में बिकी देशी गाय

वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी बंगाणा डा. सतिंद्र ठाकुर ने बताया कि मेले के दौरान सबसे अधिक 78 हजार रुपए में साहीवाल गाय को किसान ने खरीदा है। इस पर सरकार संबंधित किसान को 25 हजार रुपए तक की सबसिडी प्रदान करेगी।

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