पीके की शरण में ममता

भाजपा से निपटने के लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से लेंगी मदद

कोलकाता – लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के दमदार प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी अपने गढ़ को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने में जुटी हैं। इसी के तहत वह विधानसभा चुनाव के लिए चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सेवाएं लेने जा रही हैं। पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं और प्रशांत किशोर की टीम अगले महीने से टीएमसी के लिए काम करना शुरू कर देगी। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब दो घंटे तक चली। मुलाकात के दौरान ममता ने प्रशांत किशोर से टीएमसी के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया, जिस पर उन्होंने अपनी सहमति जता दी है। एक महीने बाद प्रशांत की टीम टीएमसी के लिए काम करना शुरू कर देगी। ममता बनर्जी ने 2011 में पश्चिम बंगाल की सियासत में तब धमाका कर दिया, जब उन्होंने लगातार 34 साल से सूबे की सत्ता पर काबिज लेफ्ट को करारी शिकस्त दी। लेफ्ट की यह स्थिति हो गई कि इस बार लोकसभा चुनाव में बंगाल में उसका खाता तक नहीं खुला। हालांकि, सूबे में बीजेपी के तेजी से उभार ने ममता की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

2014 में बीजेपी के लिए किया था काम 

पीके के नाम से चर्चित प्रशांत किशोर जाने-माने चुनावी रणनीतिकार हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने बीजेपी के लिए काम किया था। चुनाव में तीन दशकों बाद बीजेपी के रूप में किसी पार्टी को अकेले अपने दम पर बहुमत मिला था। उसके बाद से प्रशांत किशोर तेजी से लोकप्रिय हुए और बीजेपी की जीत के लिए पर्दे के पीछे उनके काम को श्रेय दिया जाने लगा। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन के लिए काम किया था। चुनाव में महागठबंधन की जीत हुई और नीतीश सीएम बने। बाद में किशोर ने जेडीयू के जरिए खुद राजनीति में कदम रखा, लेकिन चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम जारी रखा। वह जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के साथ हुए आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव में किशोर ने जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के लिए काम किया, जिसे जबरदस्त कामयाबी मिली।

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