पुरानी पेंशन के दायरे में लाएं

पांवटा साहिब—ग्रामीण विद्या उपासकों ने उन्हें पुरानी पेंशन के दायरे में लाने की मांग की है। सिरमौर ग्रामीण विद्या उपासक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष माया राम शर्मा की अध्यक्षता में शिमला में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से मिला और उन्हें अपनी मांग बताई। शिक्षा निदेशक को दिए गए मांग पत्र में संघ ने कहा है कि ग्रामीण विद्या उपासकों की नियुक्ति 2002 मंे ग्रामीण पाठशालाओं में हुई थी। वर्तमान मंे वह नई पेंशन के दायरे में आते हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार वर्ष 2003 से पूर्व नियुक्त कर्मचारी चाहे वह किसी भी पद पर कार्यरत हैं पुरानी पेंशन प्रणाली का हकदार है। शिक्षा विभाग में विद्या उपासकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाया जा चुका है, लेकिन ग्रामीण विद्या उपासकों को इससे अछूता रखा गया है। ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेशानुसार शिक्षा विभाग को ग्रामीण विद्या उपासकों को भी पुरानी पेंशन के दायरे में लाने के लिए व्यापक और उचित कदम उठाने को कहा गया है। विभाग के आदेशानुसार जिला सिरमौर के सभी ग्रामीण विद्या उपासक शिमला मंे शिक्षा निदेशक के कार्यालय मंे पेश हुए हैं। संघ ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द पुरानी पेंशन के दायरे में लाया जाए। जिलाध्यक्ष माया राम शर्मा ने कहा कि शिक्षा निदेशक ने उनकी समस्या को गोर से सुना।

You might also like