पुलिस-प्रशासन का उल्टा पड़ा दांव

शिमला—रोजाना शहर में जाम की समस्या को लेकर कटघरे मंे खड़ा जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन अपनी नाकामियों को जनता पर डाल रहा है। पुलिस ने शहर मंे जाम का कारण कुछ ऐसे स्टॉपेज प्वाइंट को बनाया है जहां पर खड़े रहकर लोग अपने गंतव्य के लिए बसों का इंतजार करते हैं। जिला प्रशासन ने अपने घोषित किए गए कुछ स्टॉपेज प्वांइट्स को अचानक से बंद कर दिया है और इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना एचआरटीसी को भी मिली है जो कि उनके दिए निर्देशों पर पूरी तरह से चल रहा है। ऐसे में अब उप पुराने स्टॉपेज प्वांइट्स पर वाहनों की नहीं बल्कि लोगों की भीड़ लग रही है। बाहर से आने वाले पर्यटक वाहनों को शहर से बाहर से गुजारने मंे पूरी तरह से असफल पुलिस प्रशासन ने यहां पर स्टॉपेज प्वांइट्स पर चालान की मुहिम चला दी है। इस चालान मुहिम से बस चालक परेशान हैं और वह अब सवारियां देखने के बावजूद भी उन्हें नहीं बिठा रहे। बेहतर होता है इन पुराने बस स्टॉपेज को बंद करने की बजाय वहां पर पुलिस कर्मचारी की तैनाती कर ट्रैफिक को सुचारू किया जाता लेकिन ऐसा करने की बजाय जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने शहर की जनता को भी परेशान कर दिया है। शिमला के लोगों मंे इन बंद हुए पुराने स्टॉपेज प्वांइट्स की खासी चर्चा है और लोग निरंतर परेशान हो रहे हैं।

शहर में होटल मालिकों का दवाब

शहर में होटल मालिकों का भी दवाब है, जिस कारण से पर्यटकों के वाहनों को बाईपास पर नहीं रोका जाता। इन वाहनों को अंदर भेजा जा रहा है और यही वाहन शहर मंे जाम का सबसे प्रमुख कारण हैं। इनकी सही व्यवस्था करने की बजाय स्टॉपेज प्वाइंट ही बंद कर दिए गए।

प्रशासन के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं

जिला प्रशासन ने प्लान बनाया था कि शहर में पर्यटक वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। लिहाजा इसके लिए बाईपास पर एक बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कर दिया गया। यहां पर फ्री में भी पर्यटकों के वाहन नहीं रूक रहे। इतना ही नहीं यहां पर यदि पर्यटक रूक भी जाएं तो उनको शहर के भीतर लाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध ही नहीं है। वहां पर टैक्सियां नहीं मिलती।

टेंशन कुछ ऐसे बढ़ी है…

प्रशासन ने एक स्टॉपेज प्वाइंट लैंड मार्क व विकट्री टनल के आसपास बंद कर दिया है। यहां से लक्कड़ बाजार, संजौली व ढली जाने के लिए कर्मचारी वर्ग विकट्री टनल पर बस ले लेते थे, जो कि बस अड्डे से वहां तक आते थे। अब उसे बंद कर दिया गया और ताराहाल में स्टॉपेज रखा है। जहां के लिए बस अड्डे से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल जाना पड़ रहा है। क्योंकि बसें विकट्री पर खड़ी नहीं हो रहीं। ऐसे ही शहर में कुछ और जगहों पर भी पुराने स्टॉपेज बंद कर दिए गए हैं। बावजूद इसके ट्रैफिक व्यवस्था मंे किसी भी तरह का सुधार नजर नहीं आया है।

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