पेयजल समस्या को प्राथमिकता से हल करें अधिकारी

मंडी, थुनाग।  सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के अपने एकदिवसीय प्रवास के दौरान विश्राम गृह बगस्याड में  बैठक कर मंडी जिला में कार्यान्वित पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में जितनी भी पेयजल व सिंचाई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हंै। उनको शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विभाग की इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके । उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा तत्पर व जवाबदेह रहें। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य वृत्त सुंदरनगर के अंतर्गत सात मंडल कार्यरत हैं,  जिसमें करीब 437 करोड़ रुपए की लागत से 182 पेयजल व सिंचाई योजनाएं प्रगति पर हैं । इसके अतिरिक्त ब्रिक्स के तहत भी 210 करोड़ रुपए की लागत से पांच योजनाओं की डीपीआर बनाई गई है। इसके साथ ही शहरी पेयजल योजना के तहत तीन योजनाएं 110 करोड़ रुपए की लागत से मंडी, रिवालसर व नेरचौक में चलाई जा रही हैं।  उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नाबार्ड के तहत जिला में 97 करोड़ रुपए की लागत से 30 पेयजल व सिंचाई योजनाएं कार्यान्वित हैं ।  राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत 69 करोड़ रुपए की लागत से 78 योजनाएं चलाई जा रही हंै, जबकि अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 26 करोड़ रुपए की लागत की 24 योजनाएं तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ रुपए की लागत से सात योजनाएं क्रियान्वित हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने इस मौके पर स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा तुरंत निपटारे के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए ।

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