प्रचंड गर्मी…हीट स्ट्रोक के बढ़े केस

बिलासपुर —जिला में तेज धूप व गर्म हवाएं कहर बरपा रही हैं। तेज धूप और गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं। इसी के साथ टाइफाइड व बच्चों में डायरिया का भी प्रकोप है, जिसके चलते चिकित्सक गर्मी में बच्चों व बड़ों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। पिछले तीन दिनों में लगातार हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ हैं। एक सप्ताह से तापमान 40 के पार पहुंच गया है। गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तेज धूप में जहां लोगों की त्वचा झुलस रही और लोग हीट-स्ट्रोक का शिकार हो रहे है। वहीं, इस तपती धूप और उमस भरी गर्मी से बच्चे भी बेचैन हैं। इस गर्मी से हर कोई बेहाल है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एसएमओ डा. सतीश शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में संक्रामक रोगों का दौर शुरू हो जाता है। बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, जिसकी वजह से अकसर बच्चे उल्टी-दस्त, निर्जलीकरण से ग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। एहतियात के तौर पर बच्चों को ओआरएस के घोल पिलाना चाहिए, साथ ही बच्चों के खानपान का पूरा याल रखें। बच्चों को हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन दें। इस बात की निगरानी भी करें कि वे बाहर का कुछ न खाएं। साफ.-सफाई का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए। डा. सतीश शर्मा ने बताया कि शिशु को कुछ भी खिलाने से पहले हाथ अच्छे से जरूर धो लें, क्योंकि डायरिया पैदा करने वाले विषाणु हाथों के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। सीएमओ बिलासपुर डा. प्रकाश चंद दरोच ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि डायरिया एक जल जनित बीमारी है। गर्मी बढ़ते ही लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी पानी पीना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा टैंकरों व सप्लाई का पानी भी कई बार खराब आ जाता है। इसलिए लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ  पानी या पानी को उबाल कर ही पीना चाहिए।

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