प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाएंगे मुख्य सचिव बीके अग्रवाल!

शिमला  – हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा सकते हैं। उन्हें केंद्र की मोदी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इसके चलते डा. श्रीकांत बाल्दी जयराम सरकार में अगले चीफ सेक्रेटरी बन सकते हैं। उसके बाद रामसुभग सिंह मुख्य सचिव पद के प्रबल दावेदार बन जाएंगे। हिमाचल के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की केंद्र सरकार ने सचिव पद के लिए इम्पेनलमेंट की है। इसमें पहला नाम वर्ष 1985 बैच के आईएएस अधिकारी बीके अग्रवाल का शामिल है। इस इम्पेनलमेंट में दूसरा नाम वर्ष 1986 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल खाची का है। अनिल खाची ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार को अपना आवेदन भी सौंप दिया है। हालांकि मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। पुख्ता सूचना के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में सेवाएं दे रहे ईमानदार व मेहनती आईएएस अफसरों का पैनल बनाया है। इसमें हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल का नाम शामिल होने की चर्चा है। इस कारण अगर बीके अग्रवाल को केंद्र सरकार में महत्तवपूर्ण विभाग का दायित्व मिलने की संभावना बनती है तो मुख्य सचिव दिल्ली का रुख कर सकते हैं। बताते चलें कि बीके अग्रवाल पहलीअक्तूबर, 2018 को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बने हैं। करीब आठ माह के कार्यकाल में बीके अग्रवाल ने हिमाचल की अफसरशाही का कुशल नेतृत्व किया है। इस कारण केंद्र में लटकी कई परियोजनाओं को उन्होंने धरातल पर उतारा है। इसके अलावा फ्रेंडली माहौल तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों में टीम भावना भी पैदा की है। बीके अग्रवाल ने अपनी ईमानदार छवि और निष्ठावान कार्यशैली से सरकार का दिल भी जीता है। इसी कारण इस भरोसेमंद अधिकारी को मोदी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद वर्ष 1985 बैच के आईएएस अधिकारी डा. श्रीकांत बाल्दी कुछ महीनों के लिए राज्य सरकार के मुख्य सचिव बन सकते हैं। डा. बाल्दी 31 दिसंबर, 2019 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद मुख्य सचिव पद के दावेदार वर्ष 1986 बैच के अनिल खाची बन जाएंगे। चूंकि अनिल खाची खुद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को तैयार हैं, इसके चलते मुख्य सचिव की हॉट सीट के एकमात्र दावेदार वर्ष 1987 बैच के आईएएस अधिकारी रामसुभग सिंह बन जाएंगे। देश के काबिल प्रशासनिक अफसरों में शुमार रामसुभग सिंह के पास अभी चार साल का लंबा कार्यकाल है। उनकी रिटायरमेंट 31 जुलाई, 2023 को होगी। लिहाजा अगले साल इस सीट के लिए रामसुभग सिंह सबसे मजबूत दावेदार होंगे।

 

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