प्रदेश की नदियों को साफ करेंगे जलशोधक पौधे

शिमला – अब प्रदेश की नदियों के  जल की स्वच्छता जलशोधक पौधे करेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वापिस नाम की योजना को लांच किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस योजना को पांच जून को पीटरहॉफ में लांच करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश की नदियों की जल गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक नई पहल जल शक्तिकरण योजना वापिस का नाम दिया जा रहा है। इसके तहत प्रथम चरण में सिरसा मारकंडा और सुखना में चिन्हित 38 जलशोधक पौधों की विभिन्न प्रजातियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन पौधों को नदियों के किनारे लगाया जाने वाला है, जो जल साफ करेंगे। राज्य प्रदूषण बोर्ड विश्व पर्यावरण दिवस पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी कर रहा है। पांच जून को पीटरहॉफ में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाने वाला है। राज्य बोर्ड द्वारा यह प्रदर्शनी हिमालयन जैव संपदा प्रौद्योगिक संस्थान, पालमपुर के तकनीकी सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रदर्शित की जाने वाली तकनीकों में वायु शोधक बाह्य पौधों की 27 प्रजातियां और घरों में रखे जाने वाले वायु शोधक पौधों की 18 प्रजातियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रजातियों से वर्टिकल गार्डन प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण परिवेश में उपयोग हेतु उन्नत किस्म का चूल्हा, जो इंधन की कम खपत के साथ इंडोर वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित करता है, को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मंदिरों में एकत्रित फूल और अगरबत्ती बनाने की तकनीक, जिसे हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर द्वारा विकसित किया गया है, उसे भी प्रदर्शित किया जाएगा। बोर्ड के सदस्य सचिव डा. आरके पुरुथी का कहना है कि इस कार्यक्रम के तहत पर्यावरण के विभिन्न पहलू नजर आएंगे।

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